स्कूलाें में आगजनी की घटनाओं पर अलगाववादियों की चुप्पी पर नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने हैरानी जताई है। उमर ने कहा कि स्कूल जलाए जा रहे हैं लेकिन अभी तक हुर्रियत नेताआें ने एक स्वर में घटनाओं की निंदा तक नहीं की है। हुर्रियत नेतृत्व को बिना देरी किए समझना होगा कि स्कूल ही कश्मीर के भविष्य के सशक्तिकरण, आत्मसम्मान और आत्म निर्भरता के स्रोत हैं।
स्कूलों पर हमले असल में बच्चों के भविष्य और उनके सपनों पर हमले हैं। उमर ने कहा प्रशासन और हुर्रियत नेतृत्व दोनों ही स्कूलों में आगजनी की घटनाआें के प्रति उदासीन हैं। जबकि बच्चों को स्कूलों की कक्षाओं से जबरन बाहर रखना सबसे बड़ा अत्याचार है।
उमर ने उम्मीद जताई कि सरकार इन घटनाआें को लेकर सचेत होगी और गंभीरता के साथ उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा वे हुर्रियत नेतृत्व से भी उम्मीद करते हैं कि सड़कों को उपद्रव के लिए खुला नहीं छोड़ेंगे और गलत को गलत और सही को सही कहने का साहस दिखाएंगे।