उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा 400 सीटों से अधिक जीतने की बात कर रही है, लेकिन पार्टी में फिर भी घबराहट नजर आ रही है। इसलिए अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया और यह पहला या आखिरी मामला नहीं है।
उधर, महबूबा मुफ्ती ने कहा कि दिल्ली के सीएम की मनमाने ढंग से की गई गिरफ्तारी से राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई नजर आ रही है। महबूबा ने कहा, 'ईडी द्वारा एक और मुख्यमंत्री की मनमाने ढंग से की गई गिरफ्तारी से राजनीतिक प्रतिशोध और बढ़ते अधिनायकवाद की गंध आ रही है। इस कायरतापूर्ण कृत्य ने सत्तारूढ़ दल की आशंकाओं को उजागर कर दिया है कि अब चुनाव होने से पहले ही उनमें हेरफेर करके हताशापूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इतिहास गवाह है कि एकीकृत प्रतिरोध के सामने अत्याचार कभी हावी नहीं हो पाया है। हम डरेंगे नहीं।'
उमर अब्दुल्ला ने कहा, ' ऐसी तैसी डेमोक्रेस, 400 से अधिक सीटों की सभी चर्चाओं के बावजूद, सत्तारूढ़ सरकार उल्लेखनीय स्तर की घबराहट प्रदर्शित कर रही है। आम चुनावों की घोषणा के कुछ ही दिनों के भीतर एक मौजूदा विपक्षी मुख्यमंत्री को केंद्रीय एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जाना लोकतंत्र पर एक धब्बा है।'
उमर ने कहा कि हालांकि यह पहला मामला नहीं है और न ही आखिरी है। आगे भी कहीं और ऐसा हो सकता है। इससे पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी हिरासत में लिया गया था। उन्होंने राजभवन में जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया, क्योंकि उन्हें पता था कि आगे क्या हो सकता है। अगर वह मौजूदा मुख्यमंत्री के रूप में जेल गए होते। भाजपा ने राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए संविधान का इस्तेमाल कर लिया होता।
दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा सकती है भाजपा- उमर
उन्होंने कहा कि अब दिल्ली के लिए उनकी यह चिंता है। अगर आम आदमी पार्टी जेल से अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाए रखने पर अड़ी है। केंद्र इसे नई दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने के बहाने के रूप में इस्तेमाल कर सकता है। ऐसे मामले में अरविंद केजरीवाल पहले नहीं हैं और वह आखिरी नहीं होंगे।