पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार सिंधु जल समझौते को नहीं तोड़ेगी। उमर ने ट्वीट कर कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच चार युद्ध होने के बावजूद सिंधु जल समझौता नहीं टूटा।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पारित किया। इस सब के बावजूद सिंधु जल समझौता आज तक बना हुआ है। ऐसे में वह अपनी गर्दन तक दांव पर लगाने को तैयार हैं। उमर ने कहा वह दावे के साथ कह सकते हैं कि सरकार समझौता तोड़ने वाली नहीं।
उमर ने कहा जम्मू-कश्मीर को इस समझौते से व्यापक नुकसान झेलना पड़ा है। लेकिन, सरकार ने समझौते की समीक्षा में कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई।