संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। उपजिले में ब्लाकों में हर माह के पहले सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों व विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करने की व्यवस्था होने पर कई पंचायतों में बैठकें ही नहीं हो रही हैं। कई पंचायतों में बैठक होती है, लेकिन यहां 29 विभागों के अधिकारी आने चाहिए, लेकिन मात्र पांच-छह विभाग के अधिकारी ही पहुंचते हैं।
पंचायत बडियाल ब्राह्मणा के सरपंच बिन्नी शर्मा का कहना है कि चार माह में कभी भी 29 विभागों के अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे हैं। सिर्फ आंगनबाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स व ग्राम सेवक ही पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग आयुक्त को अवगत कराए जाने के साथ उपायुक्त जो नोडल अधिकारी हैं, को अवगत कराने पर भी कोई समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की दिक्कतों का समाधान नहीं हो रहा। इसका कारण विभागीय अधिकारियों के बैठक में नहीं पहुंचना है।
पूर्व सरपंच ओम प्रकाश का कहना है कि कई ब्लाॅक के खंड विकास अधिकारी अपने कार्यालय में 12 बजे पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है। सरकार एक ओर पंचायती राज को मजबूती से लागू करने की दुहाई दे रही, पर जमीनी स्तर पर सिवाय अनदेखी के कुछ नहीं हो रहा।