श्रीनगर पुलिस ने फेसबुक और ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइटों पर गुमनाम अकाउंट चलाने के आरोप में बीसीए ग्रेजुएट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह निर्दोष लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहा था। आरोपी श्रीनगर के छत्ताबल का रहने वाला समीउल्लाह है और आतंकी की मौत के लिए फार्मासिस्ट को जिम्मेदार ठहराया था।
श्रीनगर के एसएसपी संदीप चौधरी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हाल ही में श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र वागूरा नौगाम में मुठभेड़ के बाद एक स्थानीय आतंकी मारा गया था जो दक्षिण कश्मीर के शोपियां का रहने वाला था। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के बाद फेसबुक और ट्विटर पर अकाउंट चलाने वाले एक हैंडलर ने शोपियां के इस आतंकवादी की मौत के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के एक फार्मासिस्ट को जिम्मेदार ठहराया था।
संदीप चौधरी ने कहा, हमें यकीन था कि जिस व्यक्ति पर इस बात का आरोप लगाया गया था, उसकी आतंकवाद से संबंधित किसी भी कार्रवाई में कोई भूमिका नहीं है। वह और उसका परिवार अपना व्यवसाय सुचारु रूप से चला रहे थे। हमने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखा। एसपी साउथ सज्जाद ने दो दिनों के भीतर जांच पूरी की और निर्दोष लोगों की जिंदगी को खतरे में डालने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया युवक उरवा अंद्राबी के नाम से एक फेसबुक अकाउंट चला रहा था और उसका ट्विटर हैंडल सना नाजकी था।एसएसपी संदीप चौधरी ने उन सभी लोगों को चेतावनी दी जो ऐसे फेक अकाउंट चला रहे हैं और निर्दोष लोगों की छवि खराब करते हैं। पुलिस के पास आधुनिक उपकरण, खोजी कौशल और विशेषज्ञ टीमें हैं। गुमनाम खातों से आसानी से किसी की जान को खतरे में डाल सकते हों लेकिन इस बात की गारंटी नहीं कि आप पुलिस से बच पाओगे। इसलिए ऐसा करने से परहेज करें।