श्रीनगर। श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के कई दिनों से बंद रहने के कारण, कश्मीर के अभ्यर्थी आगामी नर्सिंग ऑफिसर भर्ती सामान्य पात्रता परीक्षा (एनओआरसीईटी-9) के लिए जम्मू में अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली द्वारा आयोजित यह परीक्षा रविवार, 14 सितंबर 2025 को होनी है। यह परीक्षा एम्स और अन्य संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर पदों की भर्ती के लिए आयोजित की जा रही है।
घाटी के कई अभ्यर्थियों को जम्मू में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। हालांकि, महत्वपूर्ण राजमार्ग के लगातार अवरुद्ध रहने से सड़क संपर्क अनिश्चित बना हुआ है। छात्रों को डर है कि यदि राजमार्ग समय पर बहाल नहीं हुआ, तो कई लोग इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। अभ्यर्थियों ने प्रशासन से अपील की है कि या तो उनके परीक्षा केंद्रों को जम्मू से कश्मीर में स्थानांतरित किया जाए या घाटी को जम्मू से जोड़ने वाली अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था की जाए ताकि उनकी समय पर पहुंच सुनिश्चित हो सके। उनका तर्क है कि उनके नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों के कारण उनकी शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य को जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों के एक समूह ने बताया “सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। या तो केंद्रों को कश्मीर में स्थानांतरित किया जाए या हमारी यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जाएं। अन्यथा, सैकड़ों करियर खतरे में पड़ जाएंगे”। एनओआरसीईटी-9 की प्रारंभिक परीक्षा 14 सितंबर को निर्धारित है, जबकि मुख्य परीक्षा 27 सितंबर को होगी। कुछ ही दिन शेष रहने के साथ, अभ्यर्थी प्रशासन से जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।