केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में आईएएस, आईपीएस तथा आईएफएस कैडर को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत इन सभी कैडर के अफसरों की संख्या बढ़ेगी। कुल 451 अफसरों की तैनाती होगी।
कैडर समीक्षा के तहत प्रदेश में आईएएस के 191, आईपीएस के 154 तथा आईएफएस के 106 पदों का प्रस्ताव दिया गया है। यह जानकारी केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मंगलवार को सेवा मामलों के लिए गठित संयुक्त समिति की दूसरी बैठक में दी।
केंद्रीय गृह सचिव ने बताया कि हाल ही में तीनों अखिल भारतीय सेवाओं आईएएस, आईपीएस व आईएफएस का कैडर समीक्षा का प्रस्ताव पास हुआ है। जल्दी ही इस संबंध में अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।
प्रस्ताव में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पदों को शामिल नहीं किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि लद्दाख में अधिकारियों को भेजने के लिए तबादला नीति पर भी काम किया जा रहा है। इसे भी जल्दी ही अंतिम रूप दिया जाएगा। लद्दाख में तैनात होने वाले कर्मचारियों को विशेष भत्ता दिया जाएगा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई है कि प्रदेश सेवा के योग्य अधिकारियों को जल्दी ही आईएएस तथा आईपीएस में शामिल किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठता मामले को जल्द से जल्द सुलझाने को कहा है, ताकि योग्य अधिकारियों को आईएएस कैडर दिया जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम, लद्दाख के उपराज्यपाल के सलाहकार उमंग नरूला तथा गृह व सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव मौजूद रहे।
राज्य सेवा के अधिकारियों को लद्दाख भेजने पर भी चर्चा
बैठक में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में अखिल भारतीय सेवा तथा राज्य सेवा के कैडर को मजबूत करने के अंतरिम व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की प्रोन्नति, दोनों केंद्र शासित प्रदेश के बीच अखिल भारतीय सेवा के अलावा अन्य अधिकारियों के तबादले पर भी चर्चा हुई।