अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रात 2 बजे मेल आई। सुबह 9 बजे उठी तो देखा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीयूईटी) के लिए केंद्र जालंधर में बना है और सुबह साढ़े 11 बजे वहां रिपोर्ट करना है। इतने कम समय में करीब 220 किमी दूर कैसे पहुंचा जा सकता है यह सोचकर अभिभावक भी परेशान हो गए। इस कारण पेपर छूट गया। ऐसा जम्मू की श्रुति के साथ हुआ है। वह भविष्य को लेकर काफी चिंतित थी। यह कोई एक मामला नहीं होगा और भी कई छात्र दूरदराज परीक्षा केंद्र बनने से परेशान होंगे। कइयों का पेपर छूट गया होगा, क्योंकि एनटीए की ओर से सीयूईटी के परीक्षा केंद्र जालंधर, मोहाली, चंडीगढ़, अमृतसर और लुधियाना समेत अन्य जिलों व राज्यों में बनाए गए हैं। देर रात को मेल करना कहीं न कहीं संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। मौके पर मैसेज भेजकर बताना कि आपका परीक्षा केंद्र इतनी दूर है और आपको आज ही वहां जाना होगा तो यह नामुमकिन होगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों के लिए तो परिवहन का खर्च वहन करना मुश्किल होगा। रहने और खाने की चिंता अलग से सताएगी। इस कारण कई छात्र पेपर देने नहीं पहुंचे।
एनटीए की ओर से परीक्षा स्थगित करने के बाद कई छात्रों के केंद्र जम्मू से बाहर बनाए गए। एक दिन में दो विभिन्न केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित करने का शेड्यूल भेजा गया। असमंजस की स्थिति और खराब आर्थिक हालात के आगे बच्चे अव्यवस्था के आगे हार गए। हालांकि मामले में बीते दिनों प्रदेश प्रशासन ने भी दखल दिया था, लेकिन समस्या का हल नहीं हो पाया। वीरवार को ही छात्रों के एक संगठन ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा था। उन्हें अवगत करवाया था कि दूरदराज राज्यों में केंद्र बनने के कारण छात्र परीक्षा देने नहीं गए। इस कारण उनका एक साल बर्बाद हो गया। मंत्री ने उपराज्यपाल प्रशासन को जिम्मेदारी का अहसास कराया था। इसके बावजूद शुक्रवार को भी छात्र परेशान हुए। एनटीए की लापरवाही की वजह से अभिभावकों में रोष पाया जा रहा है। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र नजदीक ही बनाने चाहिए थे, ताकि बच्चों को परेशानी न उठानी पड़ती। अब तो बच्चों का पूरा साल खराब हो गया।
सोशल मीडिया में जताया रोष, शहर में केंद्र बनाने पर जोर
वहीं युवाओं, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से रोष जताया और प्रदेश प्रशासन से अपील की कि छात्रों की जम्मू में परीक्षा करवाई जाए। प्रदेश कांग्रेस सचिव व नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सतीश शर्मा ने आरएसपुरा (साउथ विधानसभा) में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सीयूईटी में बदलाव लाया जाए। छात्रों के केंद्र पंजाब आदि स्थानों पर बनाए हैं। दूरदराज के छात्रों को दिक्कत आ रही है। एक से दूसरे राज्य में जाकर टेस्ट देना संभव नहीं है। कई छात्रों के पास तो बस के किराए के पैसे तक नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता अतुल सूदन ने कहा कि मध्यवर्गीय परिवार के छात्र शिक्षा से वंचित रहेंगे। एक दिन में कई विषयों की परीक्षाएं तय करना गलत है। कश्मीर के छात्रों के लिए घाटी में ही केंद्र बने, लेकिन जम्मू के छात्रों को बाहर भेजने की क्या जरूरत थी। प्रदेश प्रशासन को सुध लेनी चाहिए। अब एनटीए को परीक्षा से वंचित रहे छात्रों के लिए जम्मू में विशेष केंद्र बनाने चाहिए। प्रताप ने कहा कि जम्मू के छात्रों के साथ भेदभाव हो रहा है।