प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात मार्च को श्रीनगर में आ रहे हैं। सभी लोग कार्यक्रम में भाग लें। अब पुराना समय गया। अब केंद्र में पीएम मोदी की सरकार है। जो दिल्ली में बोला जा रहा है, वह ही जम्मू और श्रीनगर में बोला जा रहा। यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है। कार्य, संस्कृति में बदलाव आया है। विकास तेज गति से हो रहा है। यह बात उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज द्वारा आयोजित हेरथ मिलन समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व जानता है कि भारत वर्ष की महान सांस्कृतिक परंपराओं में कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए महाशिवरात्रि पर्व खास है। यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने संस्कृति को संजोकर रखा है। इस पर सबको गर्व है।
महाशिवरात्रि पर्व को कश्मीरी पंडित समुदाय हेरथ के रूप में मनाते हैं। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग है। सदियों से कश्मीरी पंडित समुदाय आध्यात्मिक यात्रा में शिव की भक्ति के प्रति समर्पण का संदेश देता रहा है। मानवीय मूल्यों से परिचित करवाता है। यह आस्था को मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि काशी में हर काम करने से पहले शिव को नमन किया जाता है। इसी तरह कश्मीरी पंडित भी हर काम करते समय शिव को नमन करते हैं। यह सब पंडितों का समर्पण भाव बताता है। उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक जम्मू-कश्मीर के लोगों के कल्याण की दिशा में काम करने और समुदाय की भावी पीढ़ियों को प्राचीन रीति रिवाजों से जोड़ने के लिए युवा अखिल भारतीय कश्मीरी समाज की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में यूटी प्रशासन विकास भी विरासत भी के संकल्प के साथ काम कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने लोगों को हेरथ पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर उपराज्यपाल ने डॉ. बीएन थुसू और अधिवक्ता सुनील सेठी को गश तारुक पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया। वहीं, यूथ ऑल इंडिया कश्मीरी समाज के अध्यक्ष आरके भट्ट, संगठन के सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे।
हेरथ मिलन से कश्मीरी पंडित समुदाय को मजबूत बनाने का संदेश
कश्मीरी पंडित समुदाय में भाईचारे और सद्भाव को बढ़ाने के उद्देश्य से महाशिवरात्रि पर्व के मौके पर बोहड़ी में हेरथ मिलन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसके माध्यम से समुदाय को मजबूत बनाने का संदेश भी दिया गया। इस मौके पर शिवरात्रि पर्व पर विस्तृत जानकारी दी गई है।
इस त्योहार को कश्मीरी पंडित अपने त्योहारों में सबसे शुभ मानते हैं। भगवान शिव के उत्सव का अनुष्ठान एक पखवाड़े पहले शुरू होता है और हेरथ के दिन समाप्त होता है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से किया गया। इसमें कैलाश मेहरा साधु, गुलज़ार गनई, वहीद जिलानी, डॉ. दीपाली वट्टल, मुनीर अहमद मीर, शांति लाल सिद्ध और कुछ युवा प्रतिभाशाली गायकों और कलाकारों ने माहौल को भक्तिमय कर दिया।
इस मौके पर यूथ आल इंडिया कश्मीरी समाज के अध्यक्ष आरके भट्ट ने कहा कि इस मिलन का विषय कश्मीरी पंडित समुदाय को उनकी खोई हुई जड़ों से फिर से जोड़ना और जम्मू-कश्मीर प्रदेश में शांति और सद्भावना बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी नेतृत्व के बारे में आशावादी हैं कि हमारे दुखों का अंत होगा और अपने घरों में लौटेंगे। पं. आरके भट्ट ने कहा कि हम कश्मीरी पंडित समुदाय को दो विधानसभा सीटें प्रदान करने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार के आभारी हैं। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की कि जिस तरह से राम मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है, उसी तरह कश्मीर में हमारे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संरक्षण किया जाए।