रेडियो सुनने वाले श्रोताओं को अब रेडियो कश्मीर-जम्मू की जगह ऑल इंडिया रेडिया के नाम से कार्यक्रम प्रसारित किए जाएंगे। पूर्व में जम्मू-कश्मीर में रेडियो का नाम कश्मीर-जम्मू था, जिसे बदलने की मांग जम्मू से उठती रही है। जम्मू-कश्मीर राज्य के केंद्रशासित प्रदेश बनते ही सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने रेडियो का नाम बदल दिया है।
अब इन स्टेशनों से रेडियो कश्मीर की जगह ऑल इंडिया रेडियो और आकाशवाणी के नाम से प्रसारण शुरू हो गया है। अब इन्हें ‘ऑल इंडिया रेडियो जम्मू’ ‘ऑल इंडिया रेडियो श्रीनगर’ और ‘ऑल इंडिया रेडियो लद्दाख’ कहा जाएगा।
जम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात से बदल गए। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट गए। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार देर रात इसकी अधिसूचना जारी की।
अब दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में रणबीर कानून की जगह भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की धाराएं लागू होंगी। नए जम्मू-कश्मीर में पुलिस व कानून-व्यवस्था केंद्र सरकार के अधीन होगी, जबकि भूमि व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा निर्वाचित सरकार के तहत होगी। जम्मू-कश्मीर में सरकारी कामकाज की भाषा अब ऊर्दू नहीं हिंदी हो जाएगी।
नए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 107 सदस्य हैं, जिनकी परिसीमन के बाद संख्या बढ़कर 114 तक हो जाएगी। वहीं, विधायिका में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए पहले की तरह ही 24 सीट रिक्त रखी जाएंगी।