फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वैष्णो देवी: आरती की फीस निर्धारित करने पर श्राइन बोर्ड को नोटिस

Sat, 28 May 2016 02:10 PM IST
जेएनएफ/जम्मू
विज्ञापन
वैष्णो देवी - फोटो : FILE
विज्ञापन
माता वैष्णो देवी की आरती के लिए तय फीस पर आपत्ति जताते हुए डाली गई जनहित याचिका पर जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व अन्यों को नोटिस जारी किया। 
विज्ञापन


न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और न्यायाधीश बीएस वालिया की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर गौर किया। याचिका में श्री माता वैष्णो श्राइन बोर्ड के 11 अगस्त 208 के अध्यादेश पर आपत्ति जताई गई है।

इस अध्यादेश में बोर्ड ने आरती के दौरान पूजा करने वालों की फीस निर्धारित की है। याचिका में दलील दी गई है कि करोड़ों लोगों की आस्था, भावनाओं का बोर्ड ने व्यवसायीकरण कर दिया है। पवित्र गुफा के बाहर व अंदर पूजा करने वालों के लिए अलग-अलग से फीस निर्धारित की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फीस करने वालों को ही आरती के दौरान पूजा की इजाजत

प्राचीन गुफा की पूजा करते पुजारी - फोटो : FILE PHOTO
दिन और रात 24 घंटे के बीच दो बार आरती होती है। केवल वही श्रद्धालु इस आरती में बैठ सकते हैं, जो मोटी राशि दे सकते हैं। जिनके पास रुपये नहीं हैं, उन्हें गेट के बाहर ही खड़ा रखा जाता है। वे माता की आरती भी नहीं देख सकते हैं। 

भारतीय संविधान या कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि आरती करने के लिए श्रद्धालुओं को फीस चुकानी पड़े। प्रशासन केवल प्रशासनिक व्यवस्था देख सकता है, लोगों की आस्था पर फीस नहीं लगा सकता है। उसने एक व्यापारी की तरह तानाशाहाना ढंग से फीस निर्धारित कर दी।

पहली पंक्ति के लिए मोटी फीस और दूसरी, तीसरी व अन्य पंक्तियों के लिए क्रमश: कम फीस निर्धारित की गई है। एडवोकेट सुमित नायर ने कहा कि भारतीय संविधान, जम्मू कश्मीर के कानून के तहत सभी लोगों को अपनी आस्था व धर्र्म के अनुसार पूजा करने की छूट है। उस पर फीस या अन्य चार्ज नहीं लगाए जा सकते हैं। इस अध्यादेश से लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है। इसे रद्द करने की अपील की गई।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें