केंद्र सरकार की ओर से पांच सौ और एक हजार का नोट बंद करने के छठे दिन भी बसों में सफर करने वाले मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कंडक्टरों की ओर से पांच सौ और हजार के नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, जिस कारण एटीएम का रुख करके छोटे नोट ले रहे हैं या फिर खरीदारी करके नोट छुट्टे करवा रहे हैं।
जनरल बस स्टैंड में जेकेएसआरटीसी और कटड़ा काउंटरों में कार्यरत कर्मचारियों की ओर से पांच सौ और हजार का नोट लेकर टिकट देने से साफ इनकार कर दिया जा रहा है। पंजाब रोडवेज वाले भी ऐसा ही कर रहे हैं। किसी प्रकार से सवारियों के साथ नोटों को लेकर कोई रियायत नहीं दिखाई जा रही है। कठुआ, सांबा, राजोरी, पुंछ आदि की बसों में भी यही हालत है।
कंडक्टरों का कहना है कि जब नोट बंद ही कर दिया है तो वे कैसे ले सकते हैं। उन्हें यह याद करवाने पर कि केंद्र ने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पेट्रोल पंप और दवाखानों में पांच सौ, हजार को नोट स्वीकार्य बताए है, तब भी उनकी ओर से इस बात को नहीं माना जा रहा है।