देश के 70वें स्वतंत्रता दिवस पर उत्तरी कमान के जांबाज जवानों के वीरता पुरस्कार घोषित किए गए हैं। उत्तरी कमान के हवलदार हंगपान दादा की शहादत को शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र (मरणोपरांत) के लिए चुना गया है।
हंगपान दादा की दिलेरी से भारतीय सेना और उत्तरी कमान का रुतबा और ऊंचा हो गया। उत्तरी कमान से ही आठ अन्य जांबाजों को शौर्य चक्र सम्मान से नवाजा गया है। इनमें से पांच शौर्य चक्र मरणोपरांत हैं। शौर्य चक्र देश में शांतिकाल का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
शौर्य चक्र विजेताओं में शामिल कैप्टन तुषार महाजन पांपोर में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हुए। उन्होंने प्रेरक नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करते हुए साथी जवान की जान बचाई और आपरेशन को अपनी कुर्बानी देकर अंजाम तक पहुंचाया। उनके साथ शामिल लांस नायक ओम प्रकाश और कैप्टन पवन कुमार ने भी शहादत दी।