सेना के ध्रुव हेलिकॉप्टर ने चार मई के दिन मरुसूदर नदी के तट पर आपातकालीन लैंडिंग की थी। इसमें पायलटों को चोट आई थी। आसपास के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच पायलटों को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई थी। इसलिए उत्तरी कमान प्रमुख लोगों को हौसला बढ़ाने के लिए गांव में पहुंचे थे।
सेना के उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी किश्तवाड़ जिले के दूरस्थ उपमंडल मढ़वा के माछना गांव पहुंचे। उन्होंने इलाके के लोगों का आभार जताया, जिन्होंने घायल पायलटों को बचाने में मदद की थी।
विज्ञापन
दरअसल, सेना के ध्रुव हेलिकॉप्टर ने चार मई के दिन इसी गांव के पास मरुसूदर नदी के तट पर आपातकालीन लैंडिंग की थी। इस दौरान वह क्षतिग्रस्त हो गया था। इससे दोनों पायलटों को गंभीर चोटें आई थीं जबकि एक अफसर की जान चली गई थी।
हादसे के तुरंत बाद माछना और आसपास के गांवों के लोग दुर्गम इलाके में घटनास्थल पर पहुंच गए थे। उत्तरी कमान प्रमुख ने जोखिम उठाने वाले लोगों का अभिनंदन किया और क्षतिग्रस्त हेलिकॉप्टर से चालक दल के सदस्यों को बाहर निकालने के लिए आभार जताया।
विज्ञापन
सेना कमांडर ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि सेना उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि आप लोगों ने उस दौरान जो सहायता की उसे भुलाया नहीं जाएगा।
कई युवाओं व लोगों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्र के लोगों ने भी उनकी कठिनाइयों को कम करने के लिए सेना के प्रयासों की सराहना की।