युवक की मौत के मामले में पुलिस अफसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर अमल न किए जाने पर एसएसपी श्रीनगर के नाम गैर जमानती वारंट जारी हो गया है। चीफ ज्युडिशियल मैजिस्ट्रेट श्रीनगर मसर्रत शाहीन ने एसएसपी को खुद की पेशी से छूट देने की याचिका को भी खारिज कर दिया।
अदालत ने मुख्य अभियोजन अधिकारी को आदेश देते हुए कहा गैर जमानती वारंट सेंट्रल कश्मीर के डीआईजी को भेजकर सोमवार को कोर्ट में अमल की रिपोर्ट जमा करवाएं। कोर्ट ने कहा एसएसपी को चौबीस घंटे के भीतर आरोपी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया गया था।
चूंकि वे ऐसा नहीं कर पाए तो वे बताएं, क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाए। चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट ने 18 जुलाई को एसएसपी श्रीनगर को आदेश देकर कहा था कि वे डीएसपी यासिर कादरी सहित अन्य कर्मियाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें।
यह मामला शबीर अहमद मीर की मौत से जुड़ा है जिसमें मृतक युवक के पिता ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा था पुलिस ने 10 जुलाई को तेंगपोरा स्थित उनके निवास में घुसकर उनके बेटे की हत्या कर दी थी। वीरवार को शिकायतकर्ता ने कोर्ट में पेश होकर कहा था अदालत के आदेश पर अमल न करने का मामना अवमानना का है लिहाजा एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस पर कोर्ट ने एसएसपी श्रीनगर को चौबीस घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। शनिवार को एसएसपी एफआईआर की प्रति जमा करवाने में असमर्थ रहे। उन्हाेंने अदालत से खुद की पेशी से रियायत की अपील की जिसे खारिज कर दिया गया।