एनआईटी विद्यार्थियों ने शनिवार को प्रदर्शनी मैदान से साइंस कालेज तक रोष रैली निकाल कर भाजपा और मानव संसाधन मंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी मैदान से बाहर निकलने पर पुलिस ने विद्यार्थियों को रोका। धक्कामुक्की के बावजूद विद्यार्थी राजमार्ग पर पहुंच गए। विद्यार्थियों का कहना है कि उनको कालेज में वाईफाई और फूड सेंटर नहीं, बल्कि सुरक्षा चाहिए।
शनिवार को एनआईटी विद्यार्थियों के समर्थन में एनएसयूआई के राज्य प्रधान नीरज कुंदन व अन्य सदस्य पहुंचे थे। सभी ने जमकर भाजपा और मानव संसाधन मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान एनआईटी विद्यार्थियों ने कहा कि लाठीचार्ज के बाद अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप कर मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पूरी बात बताई थी, लेकिन अभी तक न तो लाठीचार्ज करने वाले पुलिस पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही कालेज में सीआरपीएफ को तैनात किया गया है। इतना ही नहीं भाजपा ने इस मामले को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है।
'कैंपस में छात्रों को मिल रहीं धमकियां'
एनआईटी छात्रों को रोकते पुलिस कर्मी
- फोटो : Amar Ujala
विद्यार्थियों ने कहा कि हमें कैंपस में वाईफाई और फूड सेंटर जैसी सुविधाएं नहीं चाहिए, हमें कैंपस में सुरक्षा चाहिए। कैंपस में लगातार जम्मू और बाहरी राज्य के विद्यार्थियों को धमकियां मिल रही हैं।
वहीं नीरज कुंदन ने जमकर भाजपा पर निशाना साधा। नीरज कुंदन ने कहा कि जब जेएनयू प्रकरण में भाजपा ने खूब शोर मचाया, लेकिन अब एनआईटी मामले को लेकर भाजपा की चुप्पी कई तरह के सवाल खड़ी करती है।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे विद्यार्थी रोष निकाल कर निकले। लेकिन पुलिस ने प्रेस क्लब से बाहर विद्यार्थियों को निकलने की इजाजत नहीं दी। पर विद्यार्थी पुलिस के साथ धक्का मुक्की करके राजमार्ग पर पहुंच गए और प्रदर्शन करते हुए साइंस कालेज की तरफ चल पड़े। रोष रैली कनाल रोड से होकर साइंस कालेज पहुंची और विद्यार्थी नारेबाजी करते हुए वापस लौट आए।