राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 'एनएफएसए' के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यधारा के और अलगाववादी समूहों के कड़े विरोध के मद्देनजर जम्मू कश्मीर सरकार ने आज कहा कि कोई भूखा नहीं रहेगा क्योंकि राज्य में राशन की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर विधेयक में सुधार किये जाएंगे। उपभोक्ता मामलों और जन वितरण मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'एनएफएसए को लेकर नकारात्मक धारणा है कि यह लोगों के हितों के खिलाफ है, जबकि ऐसा नहीं है।
बड़ी संख्या में लोगों को उच्च सब्सिडी वाला राशन देकर एनएफएसए जनता को लाभ पहुंचाया जाएगा।' अली ने कहा,'राज्य को केंद्र से 7.51 लाख मीट्रिक टन राशन मिलता रहेगा और उसमें कोई कमी नहीं आएगी। हम विश्वास दिलाते हैं कि कश्मीर में कोई भूखा नहीं रहेगा।'
जन वितरण मंत्री ने कहा कि राशन के मुद्दे को भी राजनीति में घसीटना अच्छा नहीं है। यह स्पष्ट है कि सरकार राज्य के लोगों तक राशन की सप्लाई में सुधार करने की कोशिश कर रही है।
मंत्री ने कहा कि किसी भी कनून को बदला जा सकता है भले वह यह केंद्रीय कानून हो। हमारे कानून में हमें कोई भी ऐसा करने से नहीं रोक सकता है। हम लोगों के लिए राशन की आपूर्ति के पैमाने को बढ़ाने के लिए जरूरत महसूस करते हैं, 'हम ऐसा करेंगे भी'।
इसे पूरा करने के लिए जो भी आवश्यक होगा वह सरकार करेगी। मंत्री ने कहा कि इस योजना से राज्य के लगभग 119.13 लाख लोग को सीधा फायदा पहुंचेगा।