भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने भारत-पाक वार्ता में सीमा मुद्दों पर तीसरे पक्ष की किसी तरह की भूमिका की गुंजाइश को खारिज करते हुए कहा कि केवल शिमला समझौते के तहत ही दोनों देशों में द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। अलगाववादी या हुर्रियत कांफ्रेंस जैसे संगठन या अन्य किसी तीसरे देश का थर्ड पार्टी के रूप में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
भाजपा मुख्यालय में बुधवार को पत्रकार वार्ता में सुनील सेठी ने कहा कि सीमा मुद्दों और एलओसी पर गोलीबारी के अलावा आतंकवादियों और अलगाववादियों को पाकिस्तान के समर्थन के मामले में भारत की कड़ी आपत्ति पर पाक हुर्रियत कांफ्रेंस को वार्ता में शामिल कर थर्ड पार्टी भूमिका तैयार करना चाहता है, जो कि भारत को बर्दाश्त नहीं है।
सेठी ने इस अवसर पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के भारत-पाक में सीमा मुद्दों पर वार्ता में हुर्रियत की भूमिका को खारिज करने के बयान का स्वागत करते हुए कांग्रेस पर आरोप गलाया कि वह राष्ट्रीय हितों के मामलों पर भी सियासत करने से बाज नहीं आ रही है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार सत्ता में आने के बाद से आतंकवाद और अलगाववाद पर अंकुश लगा है। इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता बलवीर राम रतन भी मौजूद रहे।