जम्मू कश्मीर विधान परिषद की एथेक्सि कमेटी ने अनूठी पहल की है। प्रस्ताव किया है कि विरोध प्रदर्शन के चलते तय समय के आधे समय तक अथवा कोरम के अभाव में सदन की कार्यवाही न चलने पर सदस्यों को उस दिन का मानदेय न दिया जाए। इसके लिए विधान परिषद के बिजनेस रूल्स में संशोधन का प्रस्ताव पारित किया गया है।
एमएलसी फिरदौस अहमद टाक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि इस संबंध में कार्रवाई आगे बढ़ाने से पहले सभी सदस्यों की राय ले ली जाए। बैठक में कहा गया कि देशभर में हाल के वर्षों में विभिन्न दलों के सदस्यों की ओर से गतिरोध पैदा करने के कारण सदन की कार्यवाही का कोई मतलब नहीं रह गया है।
कहा गया कि सदन में गतिरोध के चलते कर अदा करने वालों की राशि जाया जाती है। साथ ही सरकारी कामकाज भी प्रभावित होता है। बैठक में विधान परिषद सदस्यों के आचार व्यवहार पर भी विचार हुआ। यह तय किया गया कि बैठक में जिन एजेंडा पर चर्चा हुई है, उसकी कार्यवाही रिपोर्ट सभी सदस्यों को भेजी जाए, ताकि उनके विचार और सुझाव लिए जा सकें।