- स्कूल प्रबंधन ने संदेश पहुंचाया- आपके बच्चे सुरक्षित हैं, उन्हें बिस्कुट व जूस दिया गया है
- 12 बजे की जगह चार बजे बच्चे निकले स्कूल से बाहर, माता-पिता बार-बार पूछते रहे हालचाल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सुंजवां में सैन्यकर्मी की मौत के बाद बने माहौल से सैकड़ों लोगों की सांसें फूल गईं। सैन्य शिविर के भीतर ही सेना का स्कूल है। जैसे ही अभिभावकों ने सुना कि आतंकी हमला हुआ है, अभिभावक डरे-सहमे स्कूल के बाहर पहुंच गए, लेकिन उन्हें गेट के बाहर ही रोक दिया गया। चार घंटे तक सैन्य स्कूल नो मूवमेंट में रहा।
स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकाें तक संदेश पहुंचाया कि एक घटना की वजह से नो मूवमेंट कर दी गई है, इसलिए बच्चों को स्कूल से कुछ देर बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। ये भी जानकारी दी गई कि बच्चों को बिस्कुट और जूस आदि दिया गया है। आपके बच्चे सुरक्षित हैं। आप किसी तरह की चिंता न करें। करीब चार बजे बच्चों को स्कूल से बाहर जाने दिया गया।
अपने बच्चे को लेने पहुंची एक महिला ने बताया कि उन्हें पता चला कि सैन्य कैंप के भीतर आतंकी हमला हो गया है। वह अपने बेटे को लेने के लिए आई हैं। उसे 12 बजे छुट्टी होनी थी, लेकिन स्कूल वाले बोल रहे हैं कि बच्चे सुरक्षित हैं, उन्हें खाने-पीने की चीजें दी जा रही हैं। कुछ देर तक इंतजार करिए।
वहीं, करमजीत सिंह ने बताया कि उसका बेटा स्कूल में पढ़ता है। आतंकी हमले की सूचना पाकर वह यहां पहुंचे हैं। स्कूल वाले बोल रहे हैं कि छुट्टी देर से होगी। डर लग रहा है। रोहित कुमार और एक अन्य महिला भी डरी-सहमी अपने बच्चों को लेने के लिए पहुंचे हुए थे।