-डीआईजी, एसएसपी को भी सैन्य शिविर के भीतर नहीं जाने दिया, सेना पुलिस में समन्वय की कमी दिखी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सुंजवां की वारदात के बाद पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप सुंजवां सैन्य शिविर के बाहर पहुंच गया। पुलिस की टीम ने चप्पे-चप्पे को खंगालना शुरू कर दिया। आसपास के तमाम घरों के भीतर और छतों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यहां तक कि पूरे शहर में हाई अलर्ट कर दिया गया।
विक्रम चौक समेत तमाम जगहों पर नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी शुरू कर दी गई, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सेना और पुलिस के बीच समन्वय की कमी देखने को मिली। पुलिस के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए, लेकिन किसी को भी सेना के शिविर के भीतर नहीं जाने दिया गया।
डीआईजी शिव कुमार शर्मा व एसएसपी जोगिंदर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। वे भी शिविर के बाहर ही एक घंटा बीता कर आ गए, इन्हें भी भीतर नहीं जाने दिया गया। बताते चलें कि ऐसा पहली बार हुआ है कि इस तरह की वारदात को लेकर पुलिस के पास भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी, नहीं तो पुलिस के आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। न ही इतना ताम झाम होता।
कब-कब, क्या-क्या हुआ
-सुबह 11 बजे पुलिस के एसओजी जवान सुंजवां सैन्य शिविर के बाहर पहुंचे और तलाशी अभियान चलाया।
-दोपहर 12:44 बजे सेना ने वारदात को लेकर बयान जारी किया।
-दोपहर 12:44 पर ही पुलिस ने भी आधिकारिक बयान जारी किया।
-दोपहर 12:47 बजे डीआईजी शिव कुमार व एसएसपी जम्मू घटनास्थल पर पहुंचे।
-दोपहर 2 बजे दोनों अधिकारी और पुलिस की टीम लौट गई।
-शाम 6:50 बजे सेना ने वारदात को आतंकी हमला होने से इंकार कर दिया