जम्मू। नगर निगम प्रशासन के दावे अपनी जगह सही हैं, लेकिन सच्चाई यह है शहर के अधिकांश हिस्सों में फुटपाथ गायब हो रहे हैं। ये फुटपाथ सिर्फ रात में ही नजर आते हैं, दिन में इन पर अतिक्रमण रहता है। दुकानें सजी होती हैं। दुकानों के सामान की फुटपाथ पर प्रदर्शनी लगाई जा रही है। मजबूर होता है राहगीर। उसे ट्रैक के बजाय सड़क पर चलना पड़ता है, जहां किसी भी समय वाहन की टक्कर लगने की आशंका रहती है।
नगर निगम यदा-कदा अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाता रहा है। दुकानों के आगे लाइनें भी खींची गईं कि इससे आगे दुकान का सामान नहीं रखा जाएगा। निगम की टीम के पीठ फेरते ही फुटपाथ पर दुकानें फिर सज जाती हैं। यह मनमानी लगातार और लंबे समय से है। जम्मू शहर स्मार्ट सिटी नहीं था, तब से यह समस्या है। स्मार्ट सिटी बन भी गया तो भी यह समस्या हल नहीं हुई। फर्क इतना आया है कि फुटपाथ अब अच्छे, मजबूत और स्मार्ट हो गए हैं और दुकानदारों को सामान रखने की अच्छी जगह मिल गई।
शहर के मुख्य बाजारों में अतिक्रमण परेशानी का सबब बन गया है। फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा है तो सड़क के किनारे की बाकी जगह वाहन खड़े कर देने वाले घेर लेते हैं। अतिक्रमण के जाल में फंसी सड़कें संकरी हो गई हैं।
गुम्मट का बाजार: तीनों दिशाओं में अतिक्रमण
जनरल बस स्टैंड के नजदीक होने के चलते इस बाजार के रास्ते से सार्वजनिक और निजी वाहनों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। क्षेत्र में होटल भी हैं और बड़ी दुकानें भी। गुम्मट चौक से तीन दिशाओं में सड़कें निकलती हैं। इन सड़कों के किनारे फुटपाथ पर दुकानदारों ने सामान रखकर अतिक्रमण कर लिया है इसके पास ऑटो मोबाइल सेक्टर की दुकानें हैं, जिनका कारोबार ही फुटपाथ और सड़क पर चलता है। वाहनों को सड़क पर खड़ाकर मम्मत के लिए खोल दिया जाता है। इस सड़क पर रात नौ बजे तक भीड़ रहती है। इस सड़क पर फुटपाथ नाम की कोई चीज दिखाई नहीं देती। यह पूरी तरह गायब है।
लोअर रघुनाथ बाजार: नगर निगम का डर नहीं
लोअर रघुनाथ बाजार में दुकानों का सामान फुटपाथ पर सजता है। नगर निगम की कार्रवाई का डर कहीं नजर नहीं आता। यहां फुटपाथ कहीं नजर नहीं आएगा। पैदल चलने वालों को सड़क पर ही पैदल चलना पड़ता है। दिलचस्प यह भी है कि इसके करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर ही नगर निगम का मुख्य कार्यालय है। अधिकारी यहीं बैठते हैं, लेकिन उनकी आंखों के सामने फुटपाथ पर अतिक्रमण है।
इंदिरा चौक: फुटपाथ पर खड़े होते हैं वाहन
शहर के इंदिरा चौक करन मार्केट में तो वाहनों को फुटपाथ पर लाकर खड़ा कर दिया जाता है। आड़े-तिरछे खड़े वाहनों के बीच से निकलना मुश्किल का काम है। यहां तो आधे से अधिक सड़क व फुटपाथ वाहनों और सामान से घिरे रहते हैं। फुटपाथ को खाली कराने के लिए नगर निगम के सुस्त रवैये ने दुकानदारों के हौसले बढ़ा दिए हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ता है। आए दिन चारपहिया व दोपहिया वाहनों को निकालने के दौरान झगड़े व दुर्घटनाओं होती हैं।
डोगरा चौक : फुटपाथ कहीं नजर नहीं आता
शहर के प्रमुख डोगरा चौक से गुम्मट और जनरल बस स्टैंड जाने वाली सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ पर दुकानों का सामान दिखाई देगा। आम लोग फुटपाथ पर चल ही नहीं सकते। नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति की होती है। दुकानदारों की मनमानी है।
बाजार संगठनों को आगे आने की जरूरत
सबसे अहम बात है कि व्यापारियों, दुकानदारों, बाजारों के अपने संगठन हैं। इनके पदाधिकारी फुटपाथों पर अतिक्रमण हटवाने के लिए आगे नहीं आते। अगर वह स्वयं फुटपाथों पर अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठाएं और दुकानदारों को सचेत करें तो नगर निगम की कार्रवाई भी रंग लाने वाली हो सकती है।
गुमम्ट से लोअर रघुनाथ बाजार में सभी तरफ फुटपाथ पर अतिक्रमण है। इसके चलते जहां लोगों को पैदल चलने में परेशानी होती है। फुटपाथ पर लोग वाहनों को भी खड़ा कर रहे हैं। इसको लेकर नगर निगम की तरफ साल में एक या दो बार ही अभियान चलाया जाता है। इससे पर्यटकों को भी परेशानी होती है।
-अमित कुमार, निवासी गुम्मट बाजार
शहर में फुटपाथ लोगों के पैदल चलने के लिए बनाए जाते हैं। स्मार्ट सिटी योजना में इनका सौंदर्यीकरण किया गया है। इन पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। सामान रखे जाने से निकलना मुश्किल होता है, लोग परेशान होते हैं। इस तरह नगर निगम को ध्यान देने की जरूरत है। कई जगह पर सड़कें संकरी हो गई हैं।
-डाॅ. राजकुमार शर्मा, जम्मू
फुटपाथ पर दुकानदारों का सामान लगा रहता है। इससे लोगों के लिए सड़क पर चलना मजबूरी हो जाती है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। नगर निगम को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। अतिक्रमण के बाद भी वाहन चालकों की पार्किंग भी समस्या बन जाती है।
-राहुल शर्मा, पक्का डंगा
फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त कराने में बाजारों-दुकानदारों के संगठनों का सहयोग बहुत जरूरी है। इनके सहयोग के बिना नगर निगम की कार्रवाई के मायने नहीं रह जाते। जब भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाता है तो दुकानदार और इनके संगठन विरोध में उतर आते हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण हटाने का अभियान अब और सख्ती से चलाया जाएगा।
डाॅ. देवांश यादव, आयुक्त, नगर निगम