कश्मीर की स्थिति में सुधार को देखते हुए लगभग 75 दिनों के बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी (एनआईटी) संस्थान मंगलवार को छात्रों के लिए खोल दिया गया। पहले दिन हालांकि छात्रों की संख्या कम रही परंतु वहां पहुंचे छात्र और अभिभावक सरकार के फैसले से काफी खुश नजर आए।
श्रीनगर के हजरतबल इलाके में स्थित संस्थान के गेट पर दूसरे राज्य के एक छात्र ने अपना नाम सार्वजानिक न करने की इच्छा व्यक्त करते हुए बताया कि एनआईटी को फिर से खोलना सरहनीय कदम है। इससे काफी राहत मिली है। पिछले करीब दो महीने से पढ़ाई बंद थी और वह अपने भविष्य को लेकर अनिश्चित था। लेकिन संस्थान द्वारा पिछले ढाई माह के कोर्स को कवर करवाने का जो आश्वासन दिया गया है, उससे काफी राहत मिली है।
संस्थान खुलने से सिर्फ छात्र ही नहीं उनके अभिभावक भी खुश नजर आ रहे हैं। एक गैर प्रांतीय छात्र के पिता ने बताया कि बच्चे के भविष्य को लेकर चिंतित ज़रूर थे लेकिन सरकार की भी कुछ मजबूरी थी। सरकार पर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, इसीलिए सरकार ने यह फैसला लिय। इतना ही नहीं उन्होंने कश्मीर के लोगों की सरहाना करते हुए कहा कि यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। वह अपने बच्चे को लेने के लिए जब यहां आए थे उस दौरान स्थानीय लोगों ने काफी मदद की थी।