बाबा बर्फानी के दर्शन करने पहुंचे छह देशों के नौ युवा
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'वी जस्ट फिनिश्ड द यात्रा....वेरी वंडरफुल एंड पावरफुल स्पेस...', पवित्र गुफा के दर्शन करने के बाद छह देशों के नौ युवाओं ने अपने अनुभव को कुछ यूं व्यक्त किया। गुफा के ठीक सामने हर-हर महादेव का उद्घोष करते इन युवाओं ने कहा कि पवित्र गुफा सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र है। हम तो खींचे चले आए हैं।
दक्षिण कश्मीर के हिमालय में जारी वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान वैश्विक आस्था और आध्यात्मिक सद्भाव की एक सुंदर मिसाल पेश हुई। छह देशों के नौ युवा विदेशी श्रद्धालुओं ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा करने के लिए यहां पहुंचे। अमेरिका, कनाडा और जर्मनी सहित कई देशों के इन विदेशी श्रद्धालुओं ने बालटाल मार्ग से अपनी यात्रा की। विदेशी श्रद्धालुओं ने इस तीर्थयात्रा को एक विशेष अनुभव और घाटी में आतिथ्य को अद्भुत बताया। कनाडाई नागरिक रॉस नॉर्मन लीच ने अमरनाथ जी की पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग के दर्शन करने के बाद कहा मैं कश्मीर में सुंदर भूविज्ञान और प्रकृति के साथ-साथ और पवित्र गुफा की अपार ऊर्जा का अनुभव कर रहा हूं।
लीच ने कहा कि उनका समूह ''द शिवा हारमनी तंत्रा'' पिछले 4-5 वर्षों से इस यात्रा की तैयारी कर रहा था और उन्होंने कहा कि यह तीर्थयात्रा एक बहुत ही सुंदर अनुभव रहा है। उन्होंने आगे कहा ''गुफा में मेरा अनुभव ऐसा था कि मेरी आंखों से आंसू बह रहे थे और मेरे भीतर गहन मौन था। पूरी दुनिया इन ऊर्जाओं में जुड़ी हुई है। एक शांत माहौल में यहां महादेव के दर्शन करना बहुत ही विशेष है।'' यात्रा को एक बेहद खास अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि वह लोगों को इसकी जितनी भी सिफ़ारिश करें कम है। उन्होंने कहा यह यात्रा चुनौतीपूर्ण है आपको इसके लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन यह पूरी तरह से सार्थक है। अगर आपको मौका मिले अगर आपको यहां आने का मन करे तो ज़रूर आइए। यह एक शक्तिशाली जगह है। लीच ने कहा कि लोगों का आतिथ्य और यात्रा की व्यवस्था अद्भुत रही। उन्होंने कहा मैं यहां आकर बहुत खुश हूं।
एक अन्य विदेशी तीर्थयात्री जो इस समूह के साथ तीर्थयात्रा पर आया था ने कहा कि यह एक अद्भुत अनुभव रहा। उन्होंने कहा ''हम जल्द ही फिर से आने के लिए उत्सुक हैं। यह अद्भुत था और हमें बहुत अच्छी देखभाल समर्थन और सुरक्षा का एहसास हुआ।'' बता दें कि इस वर्ष श्री अमरनाथ जी की वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और अब तक लगभग साढ़े तीन लाख तीर्थयात्री पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। यह यात्रा 9 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर समाप्त होगी।