जम्मू कश्मीर में बारिश जमकर सितम ढहा रही है। बाढ़ के चलते हर तरफ हाहाकार मचा है लोग जान बचाने के लिए गुहार लगा रहे हैं। लोगों की मानें तो सौ सालों में भी जम्मू कश्मीर ने बाढ़ से बर्बादी का ऐसा मंजर नहीं देखा था।
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अभी तक अधिकारिक रूप से 150 से ज्यादा लोग बाढ़ के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि लापता लोगों की संख्या भी सैकडों में है। पिछले दो दिन में ही मरने वालों का आंकड़ा 70 के पार पहुंच चुका है।
उधमपुर में ही पिछले छह घंटों में 12 से ज्यादा लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं, तो कश्मीर के पुलवामा में बचाव कार्य में लगे सेना के नौ जवान भी बोट सहित बाढ़ में बह गए हैं, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चला है।
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इसके अलावा पुंछ, श्रीनगर, राजौरी और बारामुला में भी आज कई लोगों के मरने की खबर आ रही है। जम्मू की तवी, अखनूर की चिनाब और श्रीनगर की झेलम सहित सभी नदियां लगातार खतरे के निशान को छू रही है।
400 के करीब गांव बाढ़ की चपेट में
पिछले 24 घंटे में भी झेलम कई बार खतरे के निशान से कई फुट ऊपर बह चुकी है। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर संभाग के 400 से ज्यादा गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। जहां सेना और प्रशासन बचाव कार्य चलाए हुए है।
बाढ़ के चलते जम्मू और कश्मीर में कई दर्जनभर छोटे बड़े पुल पूरी तरह नेस्तानाबूद हो चुके हैं। लगातार बारिश के कारण पिछले तीन दिनों से मां वैष्णो देवी की यात्रा भी रोक दी गई है। वहीं जम्मू से कटरा का ट्रेन रूट भी फिलहाल एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। इस रूट की सभी ट्रेनें रद कर दी गई हैं।
जबकि दिल्ली से कटरा के लिए चली शिवशक्ति एक्सप्रेस को रामनगर में रोका गया है। जम्मू कश्मीर का देश के बाकी हिस्सों सड़क और हवाई मार्ग से संपर्क लगभग कटा हुआ है।
उधमपुर में 12 लोगों की मौत
बाढ़ के चलते जम्मू संभाग में भी हालात लगातार विकट होते जा रहे हैं। शनिवार को भी दर्जनभर लोगों को बारिश और बाढ़ के चलते अपनी जान गंवानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार उधमपुर में बाढ़ के चलते एक पुराना मकान ढह गया जिसमें घर में मौजूद परिवार के छह लोगों की मौके पर ही मौत्ा हो गई। वहीं कई लोगों के घायल होने की खबर है। इसके अलावा एक अन्य घटना में बाढ़ की चपेट में आने से चार लोगों की जान चली गई।
इसके अलावा जिले में ही बाढ़ के चलते दो अन्य लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। इससे पहले भी उधमपुर में बाढ़ के चलते कई लोगों की मौत्ा हो चुकी है। हालांकि प्रशासन सभी प्रभावितों को मदद मुहैया कराने का दावा कर रहा है लेकिन बाढ़ के चलते स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
जम्मू के ट्रेन रूट पर भी पड़ी मार
लगातार बारिश के कारण जम्मू के रेलवे ट्रैक पर भी खासा असर पड़ा है। इसके चलते कई ट्रेने प्रभावित हुई हैं। खासकर जम्मू से कटरा वाला रूट भूस्खलन के चलते पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वहीं कई टनल में भी पानी आने की सूचना है जिसके कारण सभी ट्रेनों को रद कर दिया गया है।
दिल्ली से कटरा जाने वाली श्री शक्ति एक्सप्रेस भी सुबह से ही उधमपुर से पहले रामनगर स्टेशन पर रोक दी गई है। ट्रेन में सवार सभी लोगों के खाने की पीने की व्यवस्था रेलवे प्रशासन ही कर रहा है।
इसके अलावा जम्मू आने वाली मालदा और कई प्रमुख ट्रेने भी रद कर दी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार अभी दो तीन दिन यही स्थिति रहने की उम्मीद है, जब तक बारिश नहीं रुकती हालातों में कोई सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
वैष्णो देवी यात्रा तीन दिन से बंद
बारिश के कारण लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण प्रशासन ने एहतियातन मां वैष्णो देवी यात्रा भी रोक दी है। तीन दिन से यात्रा बंद होने के कारण हजारों के करीब श्रद्धालु कटरा में फंसे हुए हैं।
प्रशासन अपनी तरफ से ही सबके खाने पीने और रहने का इंतजाम कर रहा है। किसी को भी कटरा से आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। तीन दिन पूर्व यात्रा के दौरान पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद से प्रशासन ने तुरंत यात्रा स्थगित कर दी।
श्राइन बोर्ड मौसम खुलने का इंतजार कर रहा है इसके बाद ही यात्रा को शुरू किया जाएगा। वहीं अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा इंतजाम रखा जा रहा है।
कश्मीर में आई बाढ़ के निरीक्षण के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार सुबह श्रीनगर पहुंचे। सुबह दस बजे के करीब श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतरे राजनाथ सिंह ने इसके बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से लगातार बाढ़ के चलते लगातार बिगड़ रहे हालातों पर चर्चा की।
इसके बाद उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया। गृहमंत्री ने बाढ़ प्रभावितों की मदद में लगी सेना और अन्य सुरक्षाबलों के प्रयासों की भी सराहना की। इस दौरान सेना के आला अधिकारी भी उनके साथ रहे। गृहमंत्री ने बाढ़ की विभिषिका से जूझ रहे घाटी वासियों को लेकर काफी चिंता जताई।
गृहमंत्री ने प्रदेश सरकार को बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद एक बजे के करीब गृहमंत्री जम्मू पहुंच गए।