जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाया जा रहा है। इस लहर में बच्चों के चपेट में आने की अधिक आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए जिला स्तर पर बाल रोगी चिकित्सा सुविधाएं मजबूत की जा रही है।
प्रदेश के पांच नए मेडिकल कॉलेजों में निको (न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (नवजात) और पिको (पेडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश के बीस जिला अस्पतालों में आईसीयू बेड बनाए जा रहे हैं। इन आईसीयू में बच्चों के लिए अलग से बेड होंगे। जम्मू-कश्मीर के नए पांच मेडिकल कॉलेज अनंतनाग, बारामुला, कठुआ, डोडा और राजोरी में निको और पिको यूनिट स्थापित किए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक यूनिट में 8 से 10 बेड होंगे। इसी तरह प्रत्येक जिला अस्पताल में 10-10 आईसीयू बेड रहेंगे, ताकि जिला स्तर से गंभीर मरीजों को वहीं पर उचित इलाज मिल सके और शहरी अस्पतालों पर कम लोड पड़े। अनलॉक के बाद अगस्त और सितंबर के मध्य में प्रदेश में कोविड संक्रमण का दोबारा प्रसार होने की आशंका है। कई जिलों में दैनिक संक्रमित मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
कई अस्पताल स्टैंडबाई रखे गए
जम्मू-कश्मीर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए अभी कई अस्पतालों को स्टैंडबाई रखा गया है। इन अस्पतालों में आंशिक तौर पर गैर कोविड गतिविधियां शुरू की गई हैं, लेकिन कोविड प्रबंधन भी मजबूत बनाया जा रहा है। राजीव गांधी अस्पताल गंग्याल में पिछले लंबे समय से कोई कोविड संक्रमित मरीज नहीं है, लेकिन इसे अभी भी स्टैंडबाई रखा गया है। अस्पताल में ओपीडी के साथ शार्ट एडमिशन में उसी दिन मरीज को इलाज देकर घर भेज दिया जाता है। इसी तरह जिला सांबा और कठुआ में मुख्य अस्पतालों को डिनोटिफाइड करके कई अस्पतालों को अभी स्टैंडबाई रखा गया है। राजोरी में भी यही व्यवस्था है। जम्मू के साथ लगते एस्काम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रतनपाल ने बताया कि अस्पताल में वर्तमान में कोई कोरोना मरीज नहीं है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने कई वार्डों को कोविड मरीजों के लिए तैयार रखा है। जम्मू संभाग में वर्तमान में जीएमसी जम्मू में 179 बेडों पर 20 से अधिक मरीज भर्ती हैं। डीआरडीओ अस्पताल भगवती नगर में 500 बिस्तर पर गिनेचुने ही संक्रमित मरीज हैं। यही हाल गांधीनगर अस्पताल न्यू एमसीएच ब्लॉक में 172 बिस्तर पर भी गिने चुने संक्रमित मरीज भर्ती हैं।
लोग उचित कोविड व्यवहार अपनाएं : अतिरिक्त मुख्य सचिव
स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुलू ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। इसमें नए निको, पिको यूनिटों के साथ आईसीयू बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। लेकिन तीसरी लहर को रोकने के लिए लोगों को उचित कोविड व्यवहार को अपनाना चाहिए।