भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या का मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दिया है। इससे पहले लगभग 26 दिन तक सिट जांच कर रही थी, जिसमें न तो कोई खुलासा हुआ और न हीं हत्यारे पकड़ में आए।
हालांकि सूत्रों का दावा है कि मामले को लगभग 80 प्रतिशत सुलझा लिया गया है। जानकारी के अनुसार, 26 नवंबर को दिल्ली से गृह मंत्रालय ने मामले को एनआईए को सौंपने का आदेश जारी किए। जल्द एनआईए की पूरी टीम किश्तवाड़ पहुंचेगी और मामले को लेकर जांच शुरू कर देगी।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों ने वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल परिहार (52) और उनके भाई अजीत परिहार (55) की हत्या कर दी थी। अनिल परिहार प्रदेश में पार्टी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे।
डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह जिले में उनका काफी प्रभाव था। भारतीय जनता युवा मोर्चा के वह प्रदेशाध्यक्ष भी रहे। आतंकवाद ग्रस्त रहे डोडा और किश्तवाड़ में भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही।