साल 2016 में हुए नगरोटा फिदायीन हमले में एनआईए ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एएनआई का दावा है कि गिरफ्तार युवक के संबंध जैश-ए-मोहम्मद से हैं। इसके साथ ही वह नगरोटा हमले की साजिश में भी शामिल था।
जानकारी के अनुसार शनिवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने नगरोटा आतंकी हमले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके से एक युवक को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान मनीर-उल-हसन कादरी के तौर पर हुई।
एनआईए ने दावा किया है कि युवक का पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ ही कई और आतंकी संगठनों से कनेक्शन है। वह नेपाल भी जा चुका था जहां से वापस आने के बाद वह कुछ दिनों तक पुलिस की हिरासत में भी रहा था।
एनआईए के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि हमने नगरोटा में 2016 में हुए आतंकी हमले में लोलाब के एक युवक को हिरासत में लिया है। एनआईए के मुताबिक तीनों आंतकी सांबा के रास्ते भारतीय सीमा पर दाखिल हुए थे। जिसके बाद यह उनके संपर्क में था। सभी जम्मू में एक होटल में भी रूके थे। उसने ही हमले के ठीक एक रात पहले तीनों आतंकियों को कैंप के बाहर छोड़ा था।
क्या था नगरोटा हमला ?
29 नवंबर साल 2016 को जम्मू शहर से सटे इलाके नगरोटा में बने सेना के आर्मी कैंप पर फिदायीन हमला हो गया। भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने कैंप में घुसते ही गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में सेना के 2 अफसरों समेत 7 सैन्यकर्मी शहीद हुए थे।
वहीं सेना की जवाबी कार्रवाई में तीनों फिदायीन आतंकियों को मार गिराया था। मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किये गए थे। इस हमले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई थी। इसी केस में युवक को शनिवार को घाटी के एक युवक को गिरफ्तार किया गया है।