सूत्रों के मुताबिक एनआईए के दिल्ली से लेकर जम्मू कश्मीर में मौजूद अधिकारी जांच टीम से पल पल की खबर ले रह हैं। एनआईए की ओर से राजोरी में पूर्व आतंकियों, ओजी वर्करों और इनके परिवारों का रिकॉर्ड भी खंगालना शुरू कर दिया गया है।
राजोरी में जिस तरह से हिंदुओं का नरसंहार किया गया है, उससे साफ है कि आतंकियों को स्थानीय स्तर पर काफी मदद मिली है। आतंकियों को नरसंहार करने के बाद वहां से भागने में भी मदद की गई। ऐसे में एनआईए समेत अन्य एजेंसियां आतंकियो को स्थानीय मदद करने वालों का पता लगाने में जुट गई हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक एनआईए के दिल्ली से लेकर जम्मू कश्मीर में मौजूद अधिकारी जांच टीम से पल पल की खबर ले रह हैं। एनआईए की ओर से राजोरी में पूर्व आतंकियों, ओजी वर्करों और इनके परिवारों का रिकॉर्ड भी खंगालना शुरू कर दिया गया है।
खासकर सीमांत इलाकों में मौजूद लोगों से पूछताछ हो रही है। ढांगरी इलाके का डंप डाटा भी खंगाला जा रहा है। एनआईए की टीम इस मामले में राजोरी से लेकर कश्मीर तक जांच कर रही है। आतंकवाद से जुड़े लोगों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि एनआईए की टीम इस मामले में राजोरी के अलावा कश्मीर के भी कुछ जिलों में भी जांच कर रही है। उधर, इस मामले में पुलिस की राज्य जांच एजेंसी, राज्य जांच इकाई, सेना और आईबी जैसी एजेंसियां भी इस मामले में जांच में लगी हैं। एजेंसियों की ओर से राजोरी में कई लोगों से पूछताछ की गई है।