अलगाववादी संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता जावेद अहमद डार उर्र्फ बिट्टा कराटे से वीरवार को फिर पूछताछ हुई। एनआईए टीम के सामने पेश हुए बिट्टा से कई उस पर लगे कई आरोपों के संदर्भ में अहम पूछताछ की गई। उधर बिट्टा ने मीडिया के सामने कुछ भी कहने से इंकार किया और कहा कि फिलहाल पूछताछ जारी है, मैं पूरा सहयोग दे रहा हूं। वहीं ऐसी जानकारी है कि वीरवार को ही अलगाववादी नेता जावेद गाजी बाबा से भी इसी मामले में पूछताछ की गई है।
गौर हो कि हाल ही में एक स्टिंग आपरेशन में बट्टा कराटे को कश्मीर घाटी में हिंसा भड़काने के लिए पाकिस्तान और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से पैसा लेने की बात स्वीकार करते दिखाया था। इसी मामले में गुरुवार को एक बार फिर एनआईए की टीम ने बिट्टा को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। जबसे एनआईए की टीम श्रीनगर इस स्टिंग ऑपरेशन की जांच करने पहुंची है, तबसे यह चौथी बार है कि बिट्टा को एनआईए की टीम के सामने हुमहामा पुलिस स्टेशन में पेश होना पड़ा।
सूत्रों की माने तो एनआईए ने बिट्टा से कुछ अहम दस्तावेज भी मांगे हैं, जिनको लेकर जांच की जा रही है। इससे पहले बिट्टा के साथ-साथ नईम खान और जावेद गाजी बाबा से भी एनआईए ने उनके बैंक दस्तावेज हासिल किए थे। गौरतलब है कि जब बिट्टा से पूछा गया कि स्टिंग के बारे में क्या कहना है तो बिट्टा ने कहा कि फिलहाल मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। एनआईए द्वारा मामले में जांच जारी है, मैं पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हूं।
बिट्टा ने खुद पर लगे सभी आरोप नकारे
KASHMIR
- फोटो : File Photo
एनआईए के सामने पेश होने से पूर्व मीडिया द्वारा उनसे पूछे गए कई सवालों को बिट्टा साफ तौर पर टालते दिखाई दिए। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या उनके द्वारा स्कूल जलाने और हिंसा भड़काने के लिए पैसे लिए गए हैं तो उन्होंने कहा कि मैं स्कूल जलाने के सख्त खिलाफ हूं, मैंने एक फूटी कौड़ी भी किसी से नहीं ली है।
इसके अलावा जब उनसे यह पूछा गया कि एक पुराने इंटरव्यू में वह कबूल रहे हैं कि उन्होने 20 कश्मीरी पंडितों को मारा है, तो उन्होंने कहा कि मैंने एक भी कश्मीरी पंडित को नहीं मारा है, वे मेरे भाई हैं। जब यह कहा गया कि आपको नहीं लगता कि जो हत्याएं आपने कीं, उसके लिए आपको जेल में होना चाहिए, उन्होंने कहा कि भारत के कानून ने मुझे बेगुनाह करार दिया है।