एनआईए ने सोमवार को सेंट्रल जेल में छापा मारकर दो दर्जन से अधिक मोबाइल फोन जब्त किए। इसके साथ ही जिहादी सामग्री, पाकिस्तानी झंडा, हिजबुल के पोस्टर तथा डाटा हार्डवेयर भी बरामद किया गया। छापे में केंद्रीय जांच एजेंसी की 20 टीमें तथा एनएसजी कमांडो भी शामिल थे।
तलाशी में ड्रोन की भी मदद ली गई। जेल में दुर्दांत आतंकियों के साथ ही मोस्ट वांटेड तथा पाकिस्तानी आतंकी भी हैं। प्रवक्ता के अनुसार यह छापेमारी कुपवाड़ा के दो युवाओं दानिश गुलाम लोन तथा सोहेल अहमद भट की गिरफ्तारी के बाद मिले सुराग के आधार पर की गई थी।
इन दोनों युवाओं ने दावा किया था कि आतंकी संगठन अल बदर की ओर से भर्ती होने वाले युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भेजा जाता है। इसकी साजिश सेंट्रल जेल के भीतर रची जाती है। इस सुराग के आधार पर एनआईए ने सुबह जेल में छापेमारी की, जो दोपहर तक चली।
इस दौरान सभी बैरक के साथ ही मैदान की भी तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से एक-एक चीज को खंगाला गया। पूरे आपरेशन पर ड्रोन की मदद से कड़ी निगरानी रखी गई थी। प्रवक्ता ने बताया कि तलाशी के दौरान 25 मोबाइल फोन, कुछ सिम, पांच डिजिटल कार्ड, पांच पेन ड्राइव, एक आईपैड, कई दस्तावेज, हिजबुल का पोस्टर, पाकिस्तानी झंडा, जिहादी साहित्य आदि बरामद किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि टीम में मजिस्ट्रेट, गवाह तथा डाक्टर भी शामिल थे। ज्ञात हो कि एनआईए की ओर से श्रीनगर अस्पताल से लश्कर आतंकी मोहम्मद नवीद जट के फरार होने के मामले की भी जांच की जा रही है। यह माना जा रहा है कि उसके भागने की साजिश भी सेंट्रल जेल से ही रची गई थी।