क्रॉस एलओसी ट्रेड के जरिये टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को घाटी में चार जगहों पर छापामारी की। इसमें बारामुला जिले में तीन और कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में एक जगह पर क्रॉस एलओसी ट्रेड से जुड़े कारोबारियों के आवास तथा ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान कारोबार से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज तथा डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को दिया जा रहा था बढ़ावा
एनआईए की टीम ने जम्मू-कश्मीर पुलिस व सीआरपीएफ समेत अन्य सुरक्षा बलों के साथ संदिग्धों के घरों पर तलाशी ली। एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि मामला जम्मू-कश्मीर और पीओजेके के बीच नियंत्रण रेखा के पार व्यापार तंत्र के माध्यम से अतिरिक्त लाभ अर्जित करने और इस तरह से प्राप्त धन का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित है।
2016 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी
इस तरह का कारोबार 2008 में बारामुला जिले के उड़ी के सलामाबाद तथा पुंछ जिले के चक्कां-दा-बाग में स्थित दो व्यापार सुविधा केंद्रों (टीएफ सी) के माध्यम से शुरू किया गया था। एनआईए ने 16 दिसंबर 2016 को मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
घाटी में दहशत फैलाने के लिए किया जा रहा रकम का इस्तेमाल
इसके बाद 18 अप्रैल 2019 को क्रॉस एलओसी ट्रेड के जरिये टेरर फंडिंग की शिकायतों के बाद कारोबार को निलंबित कर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार ऐसी रिपोर्ट आ रहीं थीं कि सीमापार से कुछ लोग अवैध हथियारों, नशीले पदार्थों व फर्जी मुद्रा की तस्करी कर रहे हैं। सीमापार से आने वाली रकम का इस्तेमाल घाटी में दहशत फैलाने के लिए किया जा रहा है।