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ढांगरी आतंकी हमला: लश्कर ए ताइबा के तीन कमांडरों समेत पांच आतंकियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर

Mon, 26 Feb 2024 06:34 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी

सार

जम्मू संभाग के जिला राजोरी के ढांगरी में आतंकी हमले में छह नागरिकों की मौत हो गई थी। सोमवार को इस मामले में एनआईए ने चार्जशीट दायर की है।
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राजोरी (फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू संभाग के राजोरी जिले के ढांगरी में हुए आतंकी हमले में आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के तीन फरार पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों समेत पांच के खिलाफ दायर किया गया है।

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एक जनवरी 2023 को राजोरी के ढांगरी गांव में आतंकियों ने निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इसके अगले दिन जांच के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ था। इस दोहरे हमले में दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।

आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा ने रची हमले की साजिश 
 
आरोपपत्र में शामिल तीन आतंकवादी लश्कर-ए-ताइबा के शीर्ष कमांडर हैं, जिनकी पहचान साजिद जट्ट, मोहम्मद कासिम और अबू कतल उर्फ कतल सिंधी के तौर पर की गई है। आतंकवादी साजिद जट्ट को सैफुल्ला उर्फ अली उर्फ हबीबुल्लाह उर्फ नुमान उर्फ लंगड़ा उर्फ नौमी के नाम से पुकारा जाता है।
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उग्रवादी अबू कतल और सजिद जट्ट पाकिस्तान के नागरिक हैं। मोहम्मद कासिम 2002 के आसपास पाकिस्तान में भाग गया था और वहां से लश्कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकवादी रैंक में शामिल हो गया था।

तीनों ने निर्दोष नागरिकों, विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों, साथ ही सुरक्षा कर्मियों को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान से लश्कर आतंकवादियों की भर्ती और प्रेषण की योजना बनाई थी। बयान में कहा गया है कि हमले इन पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देशों के तहत किए गए थे।

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टॉप लश्कर कमांडर है साजिद जट्ट
 
इसमें कहा गया है कि साजिद जट्ट वर्तमान में टॉप लश्कर कमांडर है और अन्य दो के साथ मिलकर पाकिस्तान की तरफ से भारत विरोधी साजिश रचने के लिए जिम्मेदार है। मोहम्मद कासिम वर्तमान में उच्च पदस्थ लश्कर कमांडरों का दाहिना हाथ है। अबू कतल 2002-03 में भारत आया था और अन्य आतंकवादियों के साथ पुंछ-राजोरी रेंज में सक्रिय था।

अन्य दो आरोपपत्रित आरोपी निसार अहमद उर्फ हाजी निसार और मुश्ताक हुसैन उर्फ चाचा है। दोनों लश्कर के ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) हैं और पुंछ के रहने वाले हैं। दोनों को एनआईए द्वारा जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि उन्होंने एक किशोर के साथ अबू कतल के निर्देश पर आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान की।

ढांगरी में हमले के बाद लगभग तीन महीने तक आतंकवादियों को भोजन, आश्रय और अन्य प्रकार की रसद सहायता प्रदान की थी। बयान में कहा गया है कि उन्होंने पाकिस्तान स्थित लश्कर कमांडरों के साथ गुप्त संचार के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को नष्ट करके सबूत छिपाने का भी प्रयास किया।

निसार को पाकिस्तान स्थित आकाओं द्वारा आतंकवादियों के लिए भेजे गए हथियारों, गोला-बारूद और नकदी की खेप भी मिली थी। जांच से पता चला है कि निसार भारत में रहने के दौरान अबू कतल के संपर्क में आया था। पाकिस्तान लौटने के बाद भी वह अबू कतल के संपर्क में रहा।

दायर की गई चार्जशीट में, गिरफ्तार किए गए दो वयस्क आरोपियों और पाक स्थित हैंडलर्स पर यूएपी अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। पकड़े गए किशोर के खिलाफ अंतिम रिपोर्ट उचित समय पर माननीय किशोर न्याय बोर्ड राजोरी को सौंपी जाएगी।
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