3 फरवरी 2019 को जेकेएसपीडीसी, एनएचपीसी और तत्कालीन जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच प्रधानमंत्री की उपस्थिति में एमओयू साइन हुआ था। इसी कड़ी में 3 जनवरी 2021 को पूरक समझौता किया गया, जिसकी अगली कड़ी में संयुक्त निगम का गठन किया गया है।
जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में चिनाब नदी पर बहुप्रतीक्षित 850 मेगावाट की रेटले पन बिजली परियोजना के लिए एनएचपीसी और प्रदेश सरकार के विद्युत विकास निगम का संयुक्त निगम गठित हो गया है।
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रेटले हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन लिमिटेड नाम से निगम को पहली जून 2021 से सक्रिय कर दिया गया है। समझौते के मुताबिक निगम में एनएचपीसी की 51 फीसदी और जम्मू-कश्मीर विद्युत विकास निगम लिमिटेड (जेकेएसपीडीसी) की 49 फीसदी हिस्सेदारी रखी गई है।
परियोजना क्रियान्वयन की लागत 5281.94 करोड़ निर्धारित की गई है। एनएचपीसी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रेटले परियोजना क्रियान्वयन के लिए केंद्र और प्रदेश के निगमों का संयुक्त निगम गठित किया गया है।