भाजपा ने अपने कोटे से मंत्रियों के नाम तय करने में नए लोगों को ज्यादा तरजीह दी। चुनाव से ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए नेताओं को मंत्री पद से नवाजा गया जबकि जम्मू शहर से चुने गए तीन विधायकों को जगह नहीं मिली।
भाजपा के ग्यारह मंत्रियों में तीन चुनाव पूर्व ही पार्टी से जुडे़ हैं। निर्दलीय पवन गुप्ता और लद्दाख से एमएलसी शेरिंग दोरजे को सियासी मजबूरियों की वजह से मंत्री बनाया गया है। पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन को मंत्री बनाकर चुनाव से ठीक पहले की गई दोस्ती निभाई गई।
ऐन मौके पर प्रिया सेठी को मंत्रिमंडल में जगह दी गई लेकिन वह चुनी हुई विधायक नहीं हैं। गवर्नर ने उन्हें शपथ ग्रहण के दिन ही मनोनीत किया है। प्रिया सेठी के पति युद्धवीर सेठी को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था।
उनकी पत्नी को मंत्री बनाकर असंतोष कम करने की कोशिश हुई।
चुनाव पूर्व पार्टी में आए लाल सिंह और कोहली मंत्री बने
कांग्रेस के पूर्व सांसद रहे लाल सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद से खफा होकर भाजपा कैंप में शामिल हुए थे। पहले उन्हें विधानसभा का टिकट मिला और अब मंत्री पद का इनाम भी मिल गया। भाजपा के टिकट बंटवारे से खफा होकर उधमपुर विस क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल करने वाले पवन गुप्ता ने चुनाव में नेकां से भी समर्थन लिया।
चुनाव के क्रम में वह भाजपा की आलोचना भी करते रहे। राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में समर्थन लेने की मजबूरी के लिए भाजपा ने पवन गुप्ता की तरफ हाथ बढ़ाया और मंत्री पद देकर उन्हें इसका इनाम भी दिया है।
लद्दाख में विधानसभा चुनाव में भाजपा को कोई उम्मीदवार चुनाव नहीं जीता। क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने के लिए हाल ही में एमएलसी बने छेरिंग दोरजे को मंत्री बनाकर पार्टी ने लद्दाख के लोगों को संदेश देने की कोशिश की है।
कवीन्द्र स्पीकर, मदनी विधान परिषद के सभापति
किश्तवाड़ से पूर्व गृह राज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू को हराने वाले भाजपा नेता सुनील शर्मा को मंत्रीपद देकर उसका इनाम दिया गया है। भाजपा में इकलौते मुस्लिम चेहरे के तौर पर चुनाव जीते अब्दुल गनी कोहली को भी मंत्रिपद मिल गया है।
चंद्र प्रकाश गंगा और डा. निर्मल सिंह भाजपा से लंबे समय से जुड़े है। हांलाकि ये दोनों पहली बार विधानसभा चुनाव जीते हैं। समर्पण के इनाम के रूप में उन्हें अहम ओहदे मिले। सुखनंदन चौधरी और बाली भगत दूसरी बार विधायक बने और उन्हें मंत्री बनाकर पुरस्कार दिया गया है।
पूर्ववर्ती नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन सरकार में जम्मू से कई मंत्री थे। इनमें उप मुख्यमंत्री तारा चंद, शाम लाल शर्मा, रमण भल्ला, डा. मनोहर लाल शर्मा आदि शामिल थे। जम्मू से मंत्रिमंडल में और प्रतिनिधित्व की मांग उठने लगी है।
गांधीनगर से चुनाव जीतने वाले भाजपा विधायक कवीन्द्र गुप्ता विधानसभा अध्यक्ष होंगे। उनका नाम पहले मंत्री पद के लिए चर्चा में था। गुप्ता ने उन्हें स्पीकर बनाए जाने की पुष्टि की है। विधान परिषद के सभापति का पद पीडीपी के सरताज मदनी को मिलना तय है। वह पिछली विधानसभा में उपाध्यक्ष थे। वह विधानसभा का चुनाव हार गए। अब उन्हें मनोनीत कर विधान परिषद सदस्य बनाया जाएगा।