जिला उपायुक्त द्वारा सैन्य वर्दी बेचने वालों की जांच अभी पूरी नहीं हुई। करीब 20 दिन पहले डीसी की ओर से आदेश जारी हुआ था कि शहर में जो कोई भी सैन्य वर्दी या सेना से जुड़ा हुआ सामान बेचता हो, वह अपने दस्तावेज संबंधित थानों में चेक करवाए।
अब तक पूरे शहर में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से कुछेक जगहों पर ही इसकी जांच की गई है, जहां लाइसेंस वाले ही इसको बेचते हुए पाए गए।
हालांकि प्रशासन ने इससे भी इंकार नहीं किया है कि बहुत से ऐसे लोग होंगे जो सेना की वर्दी बिना लाइसेंस के बेच रहे हैं। जिला उपायुक्त सिमरनदीप सिंह का कहना है कि कुछेक जगहों पर जांच की गई।
जहां पर लाइसेंस वाले ही इसे बेचते हुए पाए गए, लेकिन यह बात भी सच है कि अभी तक सभी लोगों ने जांच नहीं कराई। बहुत से रेडिमेड शाप वाले ऐसे हो सकते हैं जो बिना अनुमति के इसे बेच रहे होंगे।
उल्लेखनीय है कि डीसी ने आदेश जारी करते हुए ऐसा सामान बेचने वालों को जांच कराने को कहा था, क्योंकि कई सुरक्षा एजेंसियों ने जिला प्रशासन को बताया था कि इस सामान का दुरुपयोग हो सकता है। देश विरोधी तत्व इसका लाभ उठा सकते हैं।