जिला प्रशासन की ओर से अभी तक शहर के सभी लोगों के आधार कार्ड नहीं बनाए जा सके हैं, कारणवश लोगों को आधार कार्ड के लिए जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। आधार कार्ड बनाते समय परिवार के सभी सदस्यों को शामिल किया जाना था, जिस कारण परिवार के कई सदस्य छूट गए हैं। प्रशासन ने उन्हें दूसरे फेज में कवर करने का फैसला किया है, जिसके लिए जगह-जगह पर सेंटर बनाए गए हैं।
वोटर कार्ड, बैंकिंग, सब्सिडी, लाइसेंस, पासपोर्ट सहित अन्य कई कार्यों में आधार कार्ड को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके लिए हर सदस्य के लिए आधार कार्ड जरूरी हो गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक लोगों के आधार कार्ड नहीं बनाए जा सके हैं, जिस कारण लोगों को जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्ट्रेशन के तहत लोगों के आधार कार्ड बनाए जाने हैं।
जिला उपायुक्त जम्मू के कार्यालय में बनाए सेंटर के सदस्यों की ओर से दावा किया जा रहा है कि उन्होंने नगर निगम के दायरे में रहने वाले लोगों के आधार कार्ड बना दिए हैं, लेकिन बावजूूद डीसी आफिस और नगर निगम में लोग अपने आधार कार्ड के लिए पहुंच रहे हैं।
सितंबर 2013 में सांबा जिले से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके बाद 2014 दिसंबर में आरएस पुरा में काम शुरू हुआ। इसी तरह से 2015 में जम्मू में काम शुरू किया गया, लेकिन अभी तक सभी शहरवासियों के कार्ड नहीं बनाए जा सके हैं।
कहां-कहां चलाए जा रहे सेंटर
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिला उपायुक्त कार्यालय, मुबारक मंडी, जम्मू लोचन, कनाल रोड स्थित सेंसस आफिस, नगर निगम और शास्त्री नगर में सेंटर बनाए गए हैं। डीसी आफिस के प्रतिनिधि के मुताबिक उन्होंने शहर में छूट चुके 970 लोगों के कार्ड बनाए हैं। आगे भी काम जारी है।