सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी वाहन चालकों को नियमों की परवाह नहीं हैं। कहने के लिए इन दिनों रोड सेफ्टी वीक चल रहा है, लेकिन इन दिनों में भी ट्रैफिक पुलिस यातायात नियमों का पालन नहीं करवा पा रही है। लोगों की ओर से यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने का सिलसिला जारी है। अधिकतर मेटाडोर चालक बिना वर्दी के नजर आते हैं, जबकि गाड़ी चलाते समय इनका वर्दी पहनना बहुत जरूरी है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस इस ओर ध्यान नहीं दे पा रही है।
ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से रोड सेफ्टी वीक शुरू किया गया है। वीरवार को इसका पांचवां दिन था। इन दिनों ट्रैफिक पुलिस को संजीदगी दिखाते हुए लोगों को यातायात नियमों को बताना और पालन करवाना था, लेकिन हाल बेहाल है। जगह-जगह ट्रैफिक जाम, मेटाडोर चालकों का कहीं पर भी ब्रेक लगाना, रेड लाइट जंप करना, रांग साइड चलना, बिना हेलमेट, ट्रिप्पल राइडिंग करना आदि जारी है।
मेटाडोर चालकों की मनमानी के आगे ट्रैफिक पुलिस बेबस नजर आती है। शहर में सबसे ज्यादा यातायात नियमों का उल्लंघन मेटाडोर चालकों की ओर से किया जाता है। बीच रास्तों में ब्रेक लगाना, वर्दी न पहनना, सवारी के लिए दौड़ लगाना, कई मिनटों तक सड़क जाम करके रखना आदि कई बातें हादसों का कारण बनती हैं। ऐसा माना जाता है कि शहर में अगर चालक नियमों का पालन करने लगें तो ट्रैफिक जाम की समस्या बहुत कम हो जाएगी, लेकिन बहुत कम चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं।