पिछले दिनों आए तेज तूफान ने बासमती फसल पर बड़ी तबाही मचाई। तेज हवा के चलते दाने झड़ गए हैं। फसलें गिर गईं और दाने भीग गए। पिछले दो दिन से पाकिस्तानी गोलाबारी थमने के बाद खेतों पर पहुंचे किसानों के आंसू आ गए। बासमती की बर्बाद फसल को देखकर किसानों को आघात पहुंचा है।
अधपका धान जमीन पर फैल गया है। तूफान बड़ी तबाही मचाकर चला गया। कोराटाना खुर्द गांव के नत्थाराम, मेजर सिंह, जागर सिंह, राज कुमार, तरसेम लाल का कहना है कि धान की रोपाई के समय भी पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी। तब रोपाई भी प्रभावित हुई थी। जैसे तैसे फसल को पकने तक पालपोस पाए।
और अब दाने पकने को हैं। ऐसे में पाकिस्तानी गोलाबारी और इस बीच आए तूफान ने फसल को बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि उनके परिवार का खर्च उपज पर ही निर्भर होता है। यह फसल बर्बाद होने से गेहूं की बुआई तक के लिए खर्च नहीं निकल सकेगा। किसानों ने राज्य सरकार से मांग की है कि उन्हें राहत राशि मुहैया करवाई जाए ताकि वह गेहूं की फसल लगा सके।
उधर, पूर्व मंत्री चौधरी गारु राम ने सीमांत गांव कोरोटाना खुर्द, अब्दुल्लिया, बेगा, बेरा, चंदू चक, लाईया का दौराकर खराब फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने भरोसा दिया कि जिलाधीश को यह नोटिस में लाया जाएगा।