जम्मू संभाग के कई सरकारी स्कूलों में बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण मिड-डे मील बंद होने के कगार पर है। मार्च महीने से शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की राशि का भुगतान नहीं किया है। शिक्षकों का कहना है कि छह महीने से वेतन नहीं मिला है।
यदि वेतन मिल जाता तो अपनी जेब से राशि खर्च करके मिड-डे मील चलाते, लेकिन अब न तो वेतन मिल रहा है और न ही मिड-डे मील की राशि। यदि जल्द राशि नहीं मिली तो आने वाले दिनों में कई स्कूलों में मिड-डे मील बंद हो सकता है। शिक्षकों का कहना है कि चुनाव खत्म होते ही इस मुद्दे पर वे आवाज बुलंद करेंगे। फिलहाल वे किसी तरह दुकान से सामान उधार लेकर मिड-डे मील का इंतजाम कर रहे हैं।
जम्मू संभाग के कई जिलों में मार्च महीने से सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग की तरफ से मिड-डे मील की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। करीब दस महीने से मिड-डे मील इंचार्ज शिक्षक दुकानों से उधार लेकर मिड-डे मील चला रहे हैं। ज्यादातर सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त किए गए शिक्षक चला रहे हैं।
इन शिक्षकों के लिए मिड-डे मील को सुचारु रूप से चलाना परेशानी का सबब बन चुका है, क्योंकि सरकार की तरफ से इन शिक्षकों को भी करीब छह महीने से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से शिक्षकों को घर का खर्च चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। शिक्षकों के ऊपर मिड-डे मील का हजारों रुपये का कर्ज भी चढ़ चुका है।
मिड-डे मील के फंड के लिए शिक्षक सीईओ कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। जम्मू के शिक्षकों का कहना है कि अभी तो सभी चुनाव की ड्यूटी में व्यस्त हैं, इसलिए खामोशी के साथ सब सहन कर रहे हैं। चुनाव संपन्न होते ही वे वेतन और मिड-डे मील के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
इस बारे में डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन आरए इंकलाबी का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से फंड मिलते ही वेतन और मिड-डे मील की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।