श्रीनगर में मंत्री के सुरक्षाकर्मियों द्वारा वरिष्ठ पत्रकार को पीटने के मामले में मंत्री गुलाम नबी लोन में सफाई देते हुए कहा कि वह इस मामले में किसी तरह से शामिल नहीं हैं। कृषिमंत्री ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि पत्रकार को सुरक्षाकर्मियों द्वारा पीटने का मामला जिस तरह से खबरें लगीं, वह उनके लिए आश्चर्य और झटका है। मंत्री के अनुसार सच्चाई यह है कि एक लाल रंग की कार उनके वाहन के सामने आकर रुकी।
कार का ड्राइवर उतर कर उनकी कार की ओर आया और उनके वाहन का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। उसे सुरक्षाकर्मियों ने रोका और उन्हें पुलिस स्टेशन ले गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी शमूलियत किसी तरह से नहीं है। यदि पत्रकार इस मामले में किसी तरह की जांच करवाना चाहते हैं तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षाकर्मी किसी मंत्री और वीआईपी के आदेश का इंतजार नहीं करते, जब वह उनकी सुरक्षा में लगे होते हैं।
वह अपना प्रोटोकाल अपनाते हैं। मंत्री ने उन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने अपने राजनीतिक पद का किसी तरह का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में कभी ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं रहे। जनता और खासकर पत्रकारों के प्रति उनका हमेशा सम्मान रहा। यदि सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह का गलत कार्य किया है तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं।
श्रीनगर में पत्रकारों का प्रदर्शन
श्रीनगर में सोमवार को हुई एक वरिष्ठपत्रकार जावेद मलिक की मंत्री के अंगरक्षकों द्वारा की गई पिटाई के विरोध में मंगलवार को पत्रकारों द्वारा विरोध जताया गया। लगभग सभी स्थानीय और राष्ट्रीय अखबारों और टीवी चैनलों के पत्रकारों ने श्रीनगर के प्रताप पार्क में बैठकर करीब आधे घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। वह राज्य के कृषि मंत्री ग़ुलाम नबी हांजूरा जो कि पीडीपी से हैं के इस्तीफे के साथ-साथ उन पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग कर रहे थे, जो इस घटना में शामिल थे।गौरतलब है कि पत्रकारों के इस प्रदर्शन में कश्मीर इकनोमिक अलायन्स (केईए), डॉक्टर्स एसोसिएशन कश्मीर (डाक) समेत आवामी इतिहाद पार्टी के अध्यक्ष और लंगेट से विधायक इंजीनियर रशीद ने में समर्थन जताते हुए इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।