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नए मंत्रियों के नदारद होने पर विपक्ष भड़का

Wed, 01 Apr 2015 01:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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विधानसभा में शून्यकाल के दौरान सरकार के एक मंत्री को छोड़ अन्य सभी के नदारद होने पर विपक्ष भड़क उठा। विपक्ष द्वारा विरोध जताए जाने पर अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता की अनुपस्थिति में सदन का संचालन कर रहे विधायक तारीगामी ने भी सरकार को इस संबंध में पाठ पढ़ाया। उसके बाद धीरे-धीरे मंत्री सदन में पहुंचने शुरू हो गए। हुआ यूं कि प्रश्नकाल समाप्त होने पर मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्री बाहर निकल गए।
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इसी दौरान शून्यकाल शुरू हो गया। विपक्षी सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब सदन में उनकी बात को नोट करने के लिए कोई मंत्री ही नहीं है, तो सदन में उनके बोलने का कोई मायने नहीं रहता। सत्ता पक्ष के विधायकों ने दलील दी कि मंत्री विधान परिषद में गए हैं, लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ। इतना ही नहीं, कार्यवाहक अध्यक्ष तारीगामी ने कहा कि शून्यकाल काफी गंभीर होता है।

मंत्रियों को इस पर विशेष ध्यान देते हुए सदस्यों की बातों को नोट करना चाहिए। क्योंकि कम समय में उन्हें सिर्फ अपने क्षेत्र की एक-आध बात रखनी होती है। उम्मीद है कि सरकार इस मामले की गंभीरता को समझेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रयास करेगी। इस दौरान सदस्यों ने रियासत में भारी बारिश से हुई तबाही के बाद अपने क्षेत्र की समस्याओं को रखा।
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साथ ही सरकार को बुनियादी ढांचा दुरुस्त करने की मांग की। प्रभावितों के लिए तत्काल राशन, तेल, टेंट, कंबल, दवाईयां और अन्य आवश्यक वस्तुएं मुहैया करवाने को कहा। रामबन के विधायक नीलम ने कहा कि उनके क्षेत्र में सड़क मार्ग बंद हो जाने के कारण राशन की किल्लत पैदा होने लगी है। विधायक देवेंद्र राणा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में खुले टोल टैक्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब हाईवे पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है तो कैसे अथारिटी को टोल टैक्स वसूलने की इजाजत दी गई है।

रियासती सरकार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाए । उन्होेंने कहा कि उनके क्षेत्र ग्रेटर जम्मू में शामिल किया गया है। एक ही क्षेत्र में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए टोल अदा करना पड़ रहा है। नौशेरा के विधायक रविंद्र रैणा ने कहा कि सितंबर में आए सैलाब के प्रभावितों को अभी तक सरकार मदद मुहैया नहीं करवा सकी, जबकि नई आपदा सामने आ गई है।

उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रभावितों को जल्द मदद पहुंचाई जाए। श्रीनगर मार्ग बंद होने से डोडा जाने वाले वाहनों को उधमपुर में ही रोकने का विरोध करते हुए रैणा ने कहा कि श्रीनगर के अलावा आसपास के अन्य स्थानों के लिए जाने वाले वाहनों को नहीं रोकना चाहिए।
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