चैत्र के महीने में सावन सी झड़ी ने पूरी रियासत में भीषण उत्पात मचा रखा है। घाटी समेत रियासत के ज्यादातर इलाके देश-दुनिया से कट चुके हैं। भूस्खलन से तीन मौतें हुईं। श्रीनगर में विमान सेवाएं दिन भर ठप रहीं। मां वैष्णो देवी के लिए चॉपर सेवा बंद रही। जम्मू-श्रीनगर के बीच नेशनल हाईवे बंद होने से हजारों वाहन और मुसाफिर फिर रास्ते में अटक गए हैं।
ज्यादातर सड़क मार्ग पूर्ण या आंशिक रूप से बंद हैं। जम्मू में तवी के चौथे पुल का एक हिस्सा फिर बह गया है। जम्मू संभाग में तीन स्थानों पर वज्रपात हुआ। कई जगह ओले गिरे। उझ दरिया खतरे के निशान को पार कर गया। तवी, चिनाब, झेलम सहित सभी दरिया और नाले उफान पर हैं। करीब ढाई लाख हेक्टेयर जमीन पर खड़ी गेहूं और सरसों की फसल आधी से ज्यादा चौपट हो चुकी है।
संचार, बिजली और पानी सेवाएं भी अस्तव्यस्त हैं। हर तरफ तबाही का मंजर है। स्टेट बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन ने विंटर जोन की दसवीं की परीक्षा के पहले पेपर को स्थगित कर दिया है। बोर्ड की सचिव वीना पंडिता ने बताया कि इसकी नई तिथि का एलान बाद में किया जाएगा।
कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान हिमस्खलन के चेतावनी जारी की गई है। कमिश्नर ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। सूरनकोट इलाके के गांव सफदवली में समीना (20) और अवंतीपोरा के सूनरगुंड इलाके में चार साल की बच्ची हुदा जान की भूस्खलन में फंसने से मौत हो गई।
खतरे के निशान से ऊपर नदी
पुंछ जिले में भूस्खलन में दबने से एक व्यक्ति की मौत होने का समाचार है। सीमावर्ती क्षेत्र आरएस पुरा में निक्की तवी इलाके में बाढ़ जैसी स्थिति के चलते हाई अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। कठुआ में 24 घंटों में 70 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
कठुआ के बेरल गांव, रामकोट, दुरंग, कोहग, बिलावर के कई बच्चे 12वीं की परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंच पाए। उझ दरिया में सोमवार को पानी का बहाव 85 हजार क्यूसेक्स को पार कर गया। यह स्तर खतरे के निशान से लगभग दोगुना है। कठुआ के बग्याल मोड़ के निकट स्थित एक कारखाने पर बिजली गिरने से उसमें आग लग गई।
राजोरी के पलूलियां क्षेत्र में बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन सदस्य झुलस गए। बथूनी क्षेत्र में पशुशाला ढहने से तीन पशुओं की मौत हो गई है। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सैकड़ों पैसेंजर फंसे रहे। श्रीनगर की 14 उड़ानों को जम्मू से ही दिल्ली के लिए मोड़ दिया गया।
एसआरटीसी के जनरल मैनेजर (आपरेशन) आरएस जम्वाल ने कहा कि रोजाना 40 बसें श्रीनगर व आसपास के क्षेत्रों में जाती है, सोमवार को एक भी नहीं भेजी गई। मुगल रोड बंद है। श्रीनगर-बारामुला और श्रीनगर-काजीगुंड रेल सेवा भी स्थगित रही।
गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग, गुरेज, टंगधार, राजदान पास, साधना पास, जोजिला पास सहित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर जाने वाले दोनों मार्गों पर भारी बर्फ जमा है।
बस खाई में गिरी, 31 जख्मी
दो दिन से हो रही लगातार बारिश सोमवार को मुसाफिरों की जान के लिए आफत बन गई। सवारियों से भरी बस शाम चार बजे राजोरी-पुंछ नेशनल हाईवे पर ठंडी कस्सी हीरां क्षेत्र में खाई में जा गिरी। हादसे में 31 यात्री जख्मी हुए हैं।
तापमान में गिरावट
रियासत में लगातार बारिश से तापमान में भी भारी गिरावट आई है। कश्मीर के कई जिलों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। कारगिल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -8.0 डिग्री पहुंच गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 0.6, पहलगाम माइनस 0.2, लेह मानइस 1.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
कहां कितनी हुई बर्फबारी
श्रीनगर 9.5 सेंटीमीटर
गुलमर्ग 7 इंच
पहलगाम 16 सेंटीमीटर
कोकरनाग 13 सेंटीमीटर
काजीगुंड 11सेंटीमीटर
बानिहाल 30 सेंटीमीटर