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किसानों की कंगाली पर बैंक नोटिस की मार

Wed, 17 Jun 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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किसान क्रेडिट कार्ड पर माफ किया लोन किसानों को रास नहीं आया। खराब फसलों के नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करते हुए सरकार ने लोन में पचास फीसदी की माफी देकर किसानों के जख्मों पर मरहम तो लगाया, लेकिन यह मरहम अभी तक काम नहीं कर रहा। फसलों की बर्बादी के बाद किसानों की कंगाली पर बैंकों से आने वाले नोटिस की मार पड़ रही है, क्योंकि अभी तक यह लोन माफ नहीं हुआ।
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इसकी वजह से किसान आत्महत्या की राह की तरफ बढ़ने की सोच रहे हैं। किसानों ने बर्बाद फसलों के मुआवजे के नाम पर भी किसानों से मजाक किया। इसे लेकर भी किसान खफा हैं। किसानों के लाखों रुपये की खराब फसल के बदले उन्हें 40-50 रुपये के चेक दिए जा रहे हैं, जो किसानों के गले में नहीं उतर रहे। ऐसे ही कुछ किसानों से बात की गई तो उनका दर्द सामने आ गया।

रोटी जुटाना मुश्किल, कर्ज कैसे चुकाएं
गांव परांबली के रहने वाले बलवीर सिंह ने बैंक से कर्ज ले रखा है। बलवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने बैंक से एक लाख रुपये किसान क्रेडिट कार्ड में लोन लिया था। इनके पास दो एकड़ जमीन है। पूरा परिवार जमीन पर ही निर्भर है। सोचा फसल बेच कर कर्ज चुका देंगे, लेकिन फसल बर्बाद हो गई। सरकार ने कर्ज माफ तो किया कुछ राहत मिली, लेकिन अब बैंक की तरफ से तंग किया जा रहा है कि लोन को जल्द चुकाया जाए। इसे लेकर बलवीर सिंह परेशान हैं।
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गांव कोठे कालेयां के रहने वाले अमरनाथ 70 की उम्र का पड़ाव पार कर चुके हैं। पूरा परिवार खेती पर निर्भर है। घर के कामकाज के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख रुपये का लोन किया। फसल खराब हुई और लोन चुकाने को लेकर चिंतित हो गए। सरकार ने माफ करने की घोषणा की तो कुछ राहत मिली। अब बैंक लोन चुकाने के लिए तंग कर रहा है। ऐसी ही कहानी परलादपुर के थोड़ू राम की भी है। जिनका काफी लोन है। बच्चों की पढ़ाई के लिए लोन लिया, लेकिन अब चुकाया नहीं जा रहा। इसे लेकर परेशान हैं।

साढ़े तीन लाख की फसल खराब, मुआवजा 113 रुपये
गांव सरोरा के रहने वाले करण सिंह के पास 72 कनाल जमीन है। इस जमीन पर करण सिंह ने करीब एक लाख रुपये खर्च कर फसल लगाई। फसल तैयार होने पर करीब 3.60 लाख रुपये मिलते, लेकिन बेमौसम बारिश से पूरी फसल बर्बाद हो गई। सरकार ने करण सिंह को मुआवजे के तौर पर 113 रुपये का चेक दिया।

इसके अलावा राम दास के पास 24 कनाल जमीन है। जमीन पर फसल लगाने के लिए करीब 40 हजार रुपये खर्च किए। फसल तैयार होती तो डेढ़ लाख रुपए तक की कमाई होती, फसल पूरी तरह से खराब हो गई। सरकार ने मुआवजा दिया 94 रुपये का। गांव के बचन सिंह को भी 94 रुपये चेक दिया गया है। इन लोगों का कहना है कि इससे तो अच्छा था कि उन्हें कुछ नहीं दिया जाता।

एक लाख से अधिक वालों का भी लोन माफ होगा
किसान क्रेडिट कार्ड पर माफ किए एक लाख रुपये तक के लोन पर अब तक कोई आदेश जारी न होने पर कृषि मंत्री ने बड़ा बयान दिया है। मंत्री गुलाम नबी लोन का कहना है कि जिन किसानों का एक लाख से अधिक लोन है, उनका लोन भी माफ होगा। इसके लिए वित्त मंत्री से बात की गई। इसकी वजह से बैंकों को लोन माफी का आदेश जारी होने में देरी हो रही है।

दस से पंद्रह दिनों के बीच आदेश में संशोधन कर बैंकों को जारी कर दिया जाएगा। यह भी बात की गई है कि बैंकों को आदेश दिए जाएं कि वे किसानों को किस्तों के लिए तंग न करें। रही बात मुआवजे के नाम पर कम चेक देने की तो यह प्रक्रिया गलती से हो गई है। इसको फिर से रिवाइज किया जा रहा है।
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