मोबाइल कंपनियां अपना नेटवर्क बिछाने के लिए सड़क की खुदाई कर केबल डालकर कर तो चली गईं, लेकिन पीछे छोड़ गई खस्ताहाल सड़कें। इनसे रोजाना रूबरू हो रहे हैं शहरवासी। हाल में शहर के अलग-अलग हिस्सों में की गई खुदाई के एवज में एक निजी दूरसंचार कंपनी ने पीडब्ल्यूडी को 23 करोड़ रुपये दिए हैं, ताकि केबल बिछाने के चलते होने वाले नुकसान और खुदाई की भरपाई की जा सके।
हाल यह है कि मोबाइल कंपनी से सड़कों की मरम्मत के लिए पैसा तो ले लिया गया, लेकिन सड़कों की सुध नहीं ली गई। विभाग ने पैसा लेकर चुप्पी साध ली है। शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे और फुटपाथ पर मोबाइल कंपनियों ने खुदाई करके केबल बिछाई थी, लेकिन खुदाई से निकला मलबा वैसा ही छोड़ दिया गया।
शहर के फुटपाथ और सड़कों को किनारे पर खुदाई हादसों को न्यौता दे रही है। दो पहिया वाहनों के लिए भी खासी मुश्किल बनी हुई है। इसके अलावा बारिश के कारण पहले से ही सड़क की दयनीय स्थिति बनी हुई है। छोटे गड्ढों ने बड़ा आकार ले लिया है।
कनाल रोड, तालाब तिल्लो, गुम्मट, एशिया के सामने और चौथे पुल से पहले निक्की तवी के पुल पर बने गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से कुछ जगह पर काम शुरू किया गया है, लेकिन जितना पैसे कंपनी से वसूला गया है, उसका आधा पैसा भी खर्च नहीं होने की चर्चा है।
बिक्रम चौक नाके के पास फुटपाथ पर शुक्रवार को उखड़ी हुई टाइलें लगाने का काम किया जा रहा था, लेकिन उसमें सीमेंट कम और रेत ज्यादा था। ज्यादा समय तक उन टाइलों के टिके रहने का दावा नहीं किया जा सकता है। मरम्मत के नाम पर मात्र औपचारिकता ही निभाई जा रही है।