माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मां के भवन में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान करने वाले तार्थयात्रियों के लिए यज्ञशाला के रूप में एक और सुविधा जोड़ी है। पुराने स्नान घाट के पास 1600 वर्ग फुट में नवनिर्मित पांच कुंडों वाली इस यज्ञशाला में अब श्रद्धालुओं के 10 समूह एक साथ हवन करवा पाएंगे।
यज्ञशाला का रविवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने विधिवत उद्घाटन किया। उपराज्यपाल ने कहा कि मां वैष्णो देवी की गुफा के पास नई यज्ञशाला धार्मिक परिदृश्य का अभिन्न अंग है। इसे भवन में आध्यात्मिक प्रथाओं को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह श्रद्धालुओं की धार्मिक आवश्यकताओं को पूरा करेगी और अनुष्ठानों के अनुभव को और गहरा करेगी।
इससे दूर से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को हवन करवाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुख्य भवन में अटका क्षेत्र के नीचे स्थित नवनिर्मित यज्ञशाला में पांच हवन कुंड हैं। यहां श्रद्धालुओं के बैठने की क्षमता में तीन गुना वृद्धि हुई है। पहले यहां एक वक्त में तीन समूह ही अनुष्ठान करवा पाते थे।
यज्ञशाला तक 1100 वर्ग फुट की एप्रोच गैलरी भी बनाई
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने इसके अतिरिक्त 1100 वर्ग फुट के कवर्ड एरिया वाली एक एप्रोच गैलरी भी बनाई है, जो यज्ञशाला तक जाती है। यह गैलरी नवरात्रों के दौरान नियमित रूप से आयोजित होने वाले शत चंडी महायज्ञ के दौरान 100 से अधिक श्रद्धालुओं को समायोजित कर सकती है।
उपराज्यपाल ने प्रदेश की शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए मां से की प्रार्थना
उपराज्यपाल व श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन मनोज सिन्हा शनिवार रात्रि में ही मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाने पहुंच गए थे। उन्होंने रविवार सुबह माता वैष्णो देवी मंदिर में माथा टेका और केंद्र शासित प्रदेश की शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए मां से प्रार्थना की।
उनके साथ प्रधान सचिव डॉ. मंदीप कुमार भंडारी, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ अंशुल गर्ग, रियासी के डिप्टी कमिश्नर विशेष पॉल महाजन, रियासी की एसएसपी मोहिता शर्मा सहित श्राइन बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।