संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। अमरनाथ यात्रियों को शहर के ऐतिहासिक धर्मस्थलों से रूबरू करवाने के लिए पर्यटन विभाग के प्रयास नाकाफी है। देशभर से आए भक्तों को आधार शिविरों के बाहर ऐसी कोई जानकारी नहीं मिल रही, जिससे वे मंदिरों के बारे में जान सकें और वहां जाकर माथा टेक सकें। हालांकि स्थानीय वासियों ने सूचना पट लगाने की मांग की है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की पहल नहीं की गई, जिसमें मंदिरों के रूट के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई गई हो।
केंद्रीय महाजन सभा के अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता का कहना है - सूचना पट पढ़कर हरिद्वार या अन्य शहरों में यात्री जाते हैं। उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होती। दूसरी ओर, पंजीकरण केंद्रों के निकट मंदिर होने के बावजूद यात्रियों को पता नहीं चल पा रहा। सूचना पट लगने से जानकारी मिलती। साथ ही खरीदारी से कारोबारियों को लाभ मिलता। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिरों से श्रद्धालुओं को अवगत करवाना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसलिए सूचना पट लगाने की जरूरत है।