हमारे देश न जाने कितनी ही ऐसी महिलाएं हैं जिनके पति जवानी में ही देश के लिए शहीद हो गए और अपने पीछे अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़ गए। आमतौर पर शहीद की पत्नियां पति के पेंशन पर अपनी गुजारा करने लगती हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर के सांबा की नीरू संब्याल इन महिलाओं से बिलकुल अलग है। नीरू के पति रवींद्र संब्याल की मौत 2015 में हो गई थी।
पति की मौत के बाद नीरू ने हार नहीं मानी और अपने परिवार, बेटी के लिए लड़ी और आज वह सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत है। नीरू ने अपने इस सफर के बारे बात करते हुए बताया कि पति के मौत के बाद वह काफी दुखी थी, लेकिन बेटी के लिए मैंने सेना में आने का फैसला किया और आज मैं लेफ्टिनेंट हूं। उन्होंने बताया कि मेरे पति की मौत 2015 में एक इंजरी की वजह से हुई थी।