नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अखनूर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि वह जम्मू कश्मीर में अगले विधानसभा चुनाव हिस्सा लेंगे। इससे पहले शुक्रवार को श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नेकां के अध्यक्ष पद से इस्तीफे देने की घोषणा करते हुए कहा कि आगामी उनकी पार्टी चुनाव में वह अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के लोगों के दिलों पर राज नहीं करेगी तब तक प्रदेश में शांति बहाल नहीं हो सकती है। उन्होंने जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिए जाने की मांग भी की। सांसद फारूक अब्दुल्ला शनिवार को अखनूर में एक फैक्ट्री के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे।
उन्होंने यहां अपने संबोधन के दौरान कहा कि 1947 में कश्मीर पर कबाइलियों ने हमला किया तो उनके पिता शेख अब्दुल्ला को पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जिन्ना ने जम्मू कश्मीर को उनके देश में मिलाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इसके लिए साफ इंकार कर दिया था और सही फैसला लेते हुए भारत का साथ चुना था।
नेकां अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में पाकिस्तान की हालत काफी खराब है। वहां के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गोली मारी गई। आम लोगों के हाथों की बजाय सेना के हाथ में सत्ता है, जबकि भारत में आम लोगों के हाथ मे ताकत है। हालांकि जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र सरकार नहीं होने पर लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को देश के हर समुदाय को साथ जोड़ने के लिए कार्य करना चाहिए, ना की तोड़ने के लिए। भारत देश को आजाद कराने के लिए हर समुदाय के लोगों ने कुर्बानियां दी हैं।