फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Terror Attacks: फारूक अब्दुल्ला ने घाटी में हुए दो आतंकी हमलों की जांच की मांग की, पाकिस्तान को घेरा

Sun, 19 May 2024 05:12 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर

सार

फारूक अब्दुल्ला ने कहा वह पाकिस्तान से कहना चाहता हैं कि वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद बंद करे। आतंकी गतिविधियां बंद होने के बाद दोनों देश एक साथ बैठ सकते हैं।
विज्ञापन
फारूक अब्दुल्ला - फोटो : एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को दक्षिण कश्मीर में हुए दोहरे आतंकवादी हमलों की जांच का आदेश देने का आग्रह किया और पाकिस्तान से आतंकवाद का समर्थन बंद करने को भी कहा। रविवार को जिला पुंछ के मेंढर एक चुनावी रैली से इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।

विज्ञापन


नेकां प्रमुख ने कहा कि अगर शनिवार रात हुए दो आतंकी हमलों की जांच नहीं कराई गई तो उनकी पार्टी ऐसे हमलों के पीछे के दोषियों का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समिति को आमंत्रित करेगी।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं अपने पड़ोसी पाकिस्तान से कहना चाहता हूं कि वह (जम्मू-कश्मीर में) आतंकवाद बंद करे। आतंकी गतिविधियां बंद होने के बाद दोनों देश एक साथ बैठ सकते हैं और अपने मुद्दों को सुलझा सकते हैं।'
विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'मैं बार-बार कहता रहा हूं कि दिल्ली में बैठे लोग अनुच्छेद 370 को आतंकवाद के लिए जिम्मेदार बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अनुच्छेद को निरस्त हुए कितने वर्ष बीत चुके हैं? क्या आतंकवाद रुक गया?'

उन्होंने कहा, 'क्या उन्हें (एजाज अहमद शेक) जीने का अधिकार नहीं है? यह एक स्वतंत्र देश है और कोई भी पार्टी अपनी विचारधारा का प्रचार कर सकती है। उन्हें किसने मारा इसकी जांच होनी चाहिए और वह भी जल्द।' उन्होंने अनंतनाग में पर्यटकों पर हुए हमले की जांच की भी मांग की।

अब्दुल्ला ने कहा, 'अगर वे (केंद्र) जांच के लिए नहीं जाते हैं, तो हमें इस बात की जांच के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समिति को आमंत्रित करना चाहिए कि ऐसे हमलों के लिए कौन जिम्मेदार है।' उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद पूरी तरह से बंद नहीं हो जाता, तब तक घाटी में शांति नहीं हो सकती। अब्दुल्ला ने दावा किया कि गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर के अपने हालिया दो दिवसीय दौरे के दौरान नेकां के विरोधियों से मुलाकात की।

नेकां अध्यक्ष ने कहा, 'वह गृह मंत्री हैं और व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए आ सकते हैं। लेकिन मुझे बताया गया कि उन्होंने कुछ लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया था और बैठक आधी रात तक जारी रही। वह मुझसे नहीं मिले हैं, लेकिन उन लोगों से मिले हैं जो हमारी पार्टी के खिलाफ हैं। आप खुद ही इसका अंदाजा लगा सकते हैं।' 

अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि गृह मंत्री संसदीय चुनावों के पांचवें और छठे चरण से पहले नेकां और पीडीपी को फायदा पहुंचाने आए थे, अब्दुल्ला ने कहा कि वह अपनी पार्टी और उनके दावों के बारे में बात नहीं करना चाहते।

उन्होंने कहा, 'यहां (जम्मू-कश्मीर में) बंदूक कौन लाया और किसने ऐसी पार्टी खड़ी की जो सीमा पार से बंदूक लेकर आई और हमारे निर्दोष लोगों और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया? वह व्यक्ति कौन था जो पाकिस्तान से पैसा लेकर यहां के लोगों के बीच बांट रहा था?' इससे उन्होंने किसी का नाम लिए बिना सज्जाद लोन और उनकी पार्टी पर निशाना साधा। अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने संसद में बार-बार कहा है कि वही लोग अब बीजेपी के साथ खड़े हैं।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें